मौजूदा ‘108’ एम्बुलेंस में 50 फीसदी का उपयोग कोविड मरीजों के लिए हो- मुख्यमंत्री

गोरखपुर – कोरोना के बढ़ते मामलो को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन में नज़र आ रहे है,गोरखपुर में कोरोना संक्रमण को लेकर हुई बैठक में उन्होंने उचित दिशा निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर मण्डल के सभी जनपदों में एल-2 एवं एल-3 कोविड अस्पतालों में पर्याप्त बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि इन अस्पतालों में पर्याप्त मैनपावर की व्यवस्था करते हुए चिकित्सा कर्मियों का प्रशिक्षण अवश्य कराया जाए,अस्पतालों में उपलब्ध ‘108’ एम्बुलेंस की कुल संख्या में से 50 प्रतिशत एम्बुलेन्स कोविड मरीजों हेतु संचालित की जाएं। इन एम्बुलेन्स का उपयोग अन्य कार्य के लिए न किया जाए। कोविड से बचाव हेतु सतर्कता आवश्यक है।

उन्होंने कहा की सरकारी अस्पतालों में रैपिड एण्टीजन टेस्ट एवं आर0टी0पी0सी0आर0 की जांच निःशुल्क होती है। इसमें अगर कहीं भी कोई शिकायत मिलती है तो सम्बंधित के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। प्राइवेट अस्पतालों में टेस्टिंग रेट निर्धारित किये जाएं। यदि निर्धारित रेट से अधिक किसी प्राइवेट अस्पताल में धनराशि ली जाती है, तो सम्बंधित अस्पताल के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली, मध्य प्रदेश, केरल, कर्नाटक आदि प्रदेशों में कोरोना संक्रमण ज्यादा है। वहां से आने वाले लोगों का रेलवे स्टेशन तथा एयरपोर्ट पर कोविड टेस्ट अवश्य कराया जाए। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक ग्राम पंचायत तथा वाॅर्ड में निगरानी समिति गठित कर उसे क्रियाशील किया जाए। इन्हें इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर से जोड़ा जाए। निगरानी समितियों से निरन्तर संवाद स्थापित किया जाए। इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर मंेे स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी तैनात किए जाएं।

मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग ज्यादा से ज्यादा की जाए। किसी भी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए हुए कम से कम 30 लोगों को ट्रेस करते हुए इनका शत-प्रतिशत कोविड टेस्ट किया जाए। आर0टी0पी0सी0आर0 टेस्टिंग का प्रतिशत बढ़ाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 11 से 14 अप्रैल तक प्रदेश में ‘विशेष टीका उत्सव’ मनाया जायेगा। इसके लिए सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं। इस आयोजन में मास्क के अनिवार्य उपयोग तथा सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। भीड़ एकत्र न होने दी जाए। उन्होंने कहा कि लक्षित आयु वर्ग के अधिक से अधिक लोंगो का वैक्सिनेशन किया जाए। वैक्सीन की वेस्टेज को हर हाल में रोका जाए। सभी सरकारी कार्यालयों, प्राइवेट कार्यालयों, औद्योगिक संस्थानों आदि में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित करते हुए वहां सैनिटाइजर, इन्फ्रारेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये।

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