अनिल यादव की नृशंस हत्या से दहला कुशीनगर, गोली और धारदार हथियार से हमला, पुलिस जांच में जुटी
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के सेवरही थाना क्षेत्र में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। बुधवार की सुबह मठिया भोकरिया गांव के पास चाफ नहर शाखा के किनारे झाड़ियों में एक युवक का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बतरडेरा, कसया निवासी अनिल यादव (उम्र करीब 30 वर्ष) के रूप में हुई है। अनिल के शरीर पर धारदार हथियारों से कई वार किए गए थे और उसके माथे पर गोली लगने का निशान स्पष्ट रूप से देखा गया। घटना स्थल से लगभग 700 मीटर दूर धर्मपुर पर्वत गांव में नहर किनारे पिच सड़क के पास उसकी बाइक (अपाचे, नंबर यूपी 57 एएच 9426) झाड़ियों में लावारिस हालत में मिली। बाइक की चाबी इग्निशन में ही लगी हुई थी। घटना की सूचना पर एडिशनल एसपी, क्षेत्राधिकारी, स्वाट टीम, फोरेंसिक विशेषज्ञ और स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गहन जांच शुरू कर दी। खेत की ओर गए एक ग्रामीण ने पुलिया के पास सड़क पर खून के धब्बे और मांस के टुकड़े देखकर हड़कंप मचा दिया था, जिसके बाद ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान की और परिवार को सूचना दी। परिजनों के पहुंचने पर शव की पहचान की पुष्टि हो गई। चेहरा काफी विकृत हो चुका था, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि हमलावरों ने पहचान छुपाने के लिए भी प्रयास किया हो सकता है। पुलिस को घटनास्थल के पास सिगरेट के टुकड़े भी मिले हैं, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मृतक और हमलावरों के बीच पूर्व पहचान हो सकती है और संभवतः वारदात से पहले बातचीत भी हुई हो।
पुलिस को जांच में कई संभावित एंगल मिले हैं — जिनमें एक स्थानीय राजस्वकर्मी से पुरानी रंजिश, गांव के ही एक राजनीतिक व्यक्ति से जमीन संबंधी विवाद और अनिल के अविवाहित होने के कारण किसी प्रेम प्रसंग की आशंका भी शामिल है। स्वाट टीम ने मृतक के गांव के एक व्यक्ति और उसके साले से भी पूछताछ की है, जिनका घर घटनास्थल से कुछ किलोमीटर की दूरी पर तुर्कपट्टी के सपही टड़वा गांव में है।
परिवार का इकलौता सहारा था अनिल यादव
अनिल यादव के बड़े भाई की कुछ वर्ष पूर्व बीमारी के चलते मौत हो गई थी, जिसके बाद वह ही पूरे परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। माता-पिता, भाभी और भतीजों की जिम्मेदारी उसी पर थी। वह पहले एक राजस्वकर्मी का निजी मुंशी था, बाद में गैस कैप्सूल ट्रक चलाने लगा। सोमवार को ही वह घर लौटा था। मंगलवार की रात करीब साढ़े सात बजे वह घर पर खाना खा रहा था, तभी किसी का फोन आया और वह “अर्जेंट कॉल” कहकर बाहर चला गया। अगली सुबह उसकी हत्या की खबर गांव पहुंची। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर गोली मारने सहित अन्य तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी है और दावा किया है कि जल्द ही इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश किया जाएगा।