उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महोबा दौरे के दौरान बुंदेलखंड को बड़ी विकास सौगात देते हुए करीब 697 करोड़ रुपये से अधिक की 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के विकास, जल संरक्षण, एक्सप्रेसवे, रक्षा क्षेत्र और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि नकारात्मक सोच रखने वाले लोग विकास और सकारात्मक बदलाव को स्वीकार नहीं कर पाते।
महोबा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड को नई पहचान देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि महोबा का प्रसिद्ध देसावरी पान अब जीआई टैग के माध्यम से वैश्विक पहचान हासिल कर चुका है। उन्होंने वीर योद्धाओं आल्हा-ऊदल और गुरु गोरखनाथ का स्मरण करते हुए क्षेत्र की गौरवशाली परंपराओं को नमन किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय ऐसा था जब बुंदेलखंड की पहचान भू-माफिया और खनिज माफिया से जुड़ गई थी, लेकिन उनकी सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत करते हुए माफिया राज पर अंकुश लगाया और क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड को एक्सप्रेसवे और आधुनिक कनेक्टिविटी से जोड़कर निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। साथ ही जल संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में पानी की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।
किसानों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कबरई क्षेत्र में डैम निर्माण के लिए जिन किसानों ने अपनी जमीन दी थी, उन्हें लंबे समय तक मुआवजा नहीं मिल पाया था। उनकी सरकार ने उन किसानों को उनका अधिकार दिलाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, युवाओं और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में बुंदेलखंड की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल देश की सुरक्षा को नई मजबूती दे रही है। उन्होंने कहा कि जब ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस का उपयोग किया गया तो उसकी क्षमता पूरी दुनिया ने देखी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने केन-बेतवा लिंक परियोजना को बुंदेलखंड के लिए गेमचेंजर बताते हुए कहा कि यह देश की सबसे बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं में से एक है। इसके पूरा होने से बुंदेलखंड के कई जिलों में सिंचाई और पेयजल की समस्या का समाधान होगा। उन्होंने कहा कि महोबा, बांदा, झांसी और हमीरपुर जैसे जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी और जल संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
विपक्ष पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग केवल नकारात्मक राजनीति करने में विश्वास रखते हैं और विकास कार्यों में भी राजनीति तलाशते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी मानसिकता वाले लोग समाज में भ्रम और अविश्वास फैलाने का प्रयास करते हैं, जबकि उनकी सरकार सुशासन, विकास और जनकल्याण के एजेंडे पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब विकास की नई धारा बह रही है और बुंदेलखंड इसका प्रमुख उदाहरण बनकर उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में बुंदेलखंड देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य क्षेत्र को पर्यटन, उद्योग, कृषि और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है, ताकि यहां के लोगों को रोजगार और बेहतर जीवन स्तर मिल सके।