मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

अब इंडोनेशिया पर फूटा ट्रंप के टैरिफ का बम, आयात पर लगा दिया 19 परसेंट टैक्स

अब इंडोनेशिया पर फूटा ट्रंप के टैरिफ का बम, आयात पर लगा दिया 19 परसेंट टैक्स

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को इंडोनेशिया के साथ एक नए व्यापार समझौते की घोषणा की, जिसके तहत इंडोनेशिया से अमेरिका आने वाले सामानों पर 19% टैरिफ लगेगा, जबकि अमेरिका से इंडोनेशिया निर्यात होने वाले सामानों पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा। इस समझौते को ट्रंप ने अपनी टैरिफ नीति की सफलता के रूप में पेश किया है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी व्यापार घाटे को कम करना और अमेरिकी उत्पादों के लिए विदेशी बाजारों में बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना है

ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर बताया कि उन्होंने इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो के साथ फोन पर बातचीत की, जिसमें इंडोनेशिया ने अमेरिकी आयातों के लिए व्यापार बाधाओं को हटाने पर सहमति जताई। इस समझौते के तहत इंडोनेशिया अमेरिका से 15 बिलियन डॉलर की ऊर्जा, 4.5 बिलियन डॉलर के कृषि उत्पाद और 50 बोइंग जेट खरीदेगा। इसके बदले में, अमेरिकी किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को इंडोनेशिया के 280 मिलियन उपभोक्ताओं वाले बाजार तक टैरिफ-मुक्त पहुंच मिलेगी।

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका भारत के साथ एक बड़े व्यापार समझौते के करीब है, जिससे अमेरिकी उत्पादों को भारतीय बाजार में पूरी पहुंच मिलेगी। उन्होंने कहा, “हम भारत के बाजार तक पहुंच हासिल करने वाले हैं। पहले हमें इन देशों में ऐसी पहुंच नहीं थी, लेकिन अब टैरिफ नीति के कारण यह संभव हो रहा है।” भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताएं चल रही हैं, और जून 2025 तक एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति की उम्मीद है। यदि यह समझौता होता है, तो भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने ट्रंप प्रशासन के साथ अनुकूल व्यापारिक शर्तें हासिल की हैं

ट्रंप ने ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया) पर निशाना साधते हुए कहा कि जो देश अमेरिका-विरोधी नीतियों का समर्थन करेंगे, उन पर अतिरिक्त 10% टैरिफ लगाया जाएगा। भारत ने अभी तक ट्रंप की टैरिफ धमकियों का सामना नहीं किया है, क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ताएं सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं। ट्रंप प्रशासन ने भारत को टैरिफ बढ़ाने संबंधी कोई औपचारिक पत्र नहीं भेजा है, जो भारत को अन्य देशों (जैसे म्यांमार, लाओस) की तुलना में बेहतर स्थिति में रखता है, जिन्हें 40% तक टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, ट्रंप ने भारत की ब्रिक्स सदस्यता को लेकर अतिरिक्त शुल्क की चेतावनी दी है, जिसके जवाब में भारत ने कुछ मुद्दों पर सख्त रुख अपनाया है।

Share This
अगला लेख → स्टंटिंग के विरुद्ध मिशन मोड में योगी सरकार,प्रत्येक जिलों म…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 77,616 +850 (+1.11%)
निफ्टी 24,224 +239 (+1%)
मौसम
27°C
Patchy light drizzle
💧 81% 💨 5 km/h
Dehradun