असम कैबिनेट ने नीट परीक्षा में किए तीन अहम बदलाव, जानें पूरी जानकारी
असम कैबिनेट ने नीट परीक्षा में सुधार के लिए तीन महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है। अब परीक्षा केवल सरकारी संगठनों या परीक्षा केंद्रों में होगी, जिला अधिकारी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी करेंगे, और छात्रों का बायोमेट्रिक परीक्षण अनिवार्य होगा। राज्य सरकार केंद्र से इन बदलावों को लागू करने का अनुरोध करेगी ताकि मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों के प्रोफेसरों ने चिंता जताई थी कि उच्च अंक प्राप्त करने वाले कई छात्र अपेक्षित शैक्षणिक योग्यता और व्यावहारिक ज्ञान में कमजोर हैं। करीब डेढ़ साल पहले इस मामले की जांच विशेष शाखा को सौंपी गई थी, जिसमें पता चला कि अधिकांश परीक्षा केंद्र निजी संस्थानों में हैं, सरकारी स्कूलों या कॉलेजों में नहीं। इसी के चलते कैबिनेट ने फैसला लिया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा केवल सरकारी स्कूलों में ही आयोजित होगी।
सीएम ने बताया कि मुख्य सचिव को एनटीए और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को कैबिनेट के फैसलों से अवगत कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, वह स्वयं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
कैबिनेट ने 2025-26 सत्र से असम एमबीबीएस/बीडीएस नियम 2017 के तहत चार विशेष क्षेत्रों (नदी, वन, पहाड़ और द्वीप) के लिए कोटा समाप्त करने का भी निर्णय लिया है। इसके अलावा, श्रीमंत शंकरदेव यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से जुड़े अधिनियम में संशोधन का निर्णय लिया गया है, जिससे नर्सिंग, डेंटल, फार्मेसी या किसी भी हेल्थकेयर कॉलेज को खोलने से पहले गृह विभाग की राष्ट्रीय सुरक्षा मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
सरकार निजी कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने के लिए भी विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र में एक विधेयक लाने की योजना बना रही है। साथ ही, कामरूप और मोरीगांव जिलों में दो मेगा औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग को भूमि आवंटित करने का भी निर्णय लिया गया है।