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आरक्षण बयान पर तूफान: संतोष वर्मा को नोटिस, कांग्रेस के उदित राज उतरे समर्थन में

आरक्षण बयान पर तूफान: संतोष वर्मा को नोटिस, कांग्रेस के उदित राज उतरे समर्थन में

वरिष्ठ IAS अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान को लेकर उठे बवंडर के बीच अब कांग्रेस के बड़े दलित नेता और पूर्व सांसद उदित राज उनके समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। आरक्षण पर दिए गए बयान में वर्मा ने कहा था कि “जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दे या उससे संबंध न बना ले, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।” इस टिप्पणी के बाद राज्यभर में खासकर ब्राह्मण समाज में गहरा रोष फैल गया था।

यह बयान 23 नवंबर को भोपाल में आयोजित अजाक्स (SC-ST अधिकारी कर्मचारी संघ) के अधिवेशन के दौरान दिया गया था, जहां वर्मा हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष चुने गए थे। बयान सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मध्यप्रदेश के कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए।

विरोध बढ़ने पर मध्यप्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने संतोष वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में पूछा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। उन्हें 7 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है, और ऐसा न करने पर विभागीय कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

इस विवाद के बीच कांग्रेस नेता उदित राज ने वर्मा का बचाव करते हुए कहा कि IAS अधिकारी ने “रोटी-बेटी के रिश्ते” की बात कही है, जिसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि “जब पीएम मोदी, योगी और RSS सबको हिंदू बताकर एकता की बात करते हैं, तो संतोष वर्मा ने भी उसी बात को दोहराया है। फिर उन्हें नोटिस क्यों दिया गया? ब्राह्मण समाज क्यों विरोध कर रहा है?” उन्होंने आगे कहा कि अगर हिंदू राष्ट्र की मांग करने वाले इस विचार से सहमत नहीं हैं, तो उन्हें ऐसी बातें कहना भी बंद करना चाहिए।

उधर, ब्राह्मण समुदाय के संगठनों ने इस बयान को अपमानजनक और आपत्तिजनक बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। कई स्थानों पर वर्मा के पुतले फूंके गए और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

मामले के तूल पकड़ने के बाद अब यह विवाद सिर्फ प्रशासनिक मुद्दा नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। एक ओर जहां ब्राह्मण समाज IAS अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर दलित संगठनों और कुछ राजनीतिक नेताओं का कहना है कि वर्मा के बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है।

विवाद का अगला चरण अब संतोष वर्मा द्वारा नोटिस का जवाब देने पर निर्भर करेगा, जिसके बाद आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी।

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