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ईरान के नए सुप्रीम लीडर का सख्त फरमान, ‘हर्जाना देंगे तभी रुकेगी जंग’

ईरान के नए सुप्रीम लीडर का सख्त फरमान, ‘हर्जाना देंगे तभी रुकेगी जंग’

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने युद्ध को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका और इजराइल घुटने नहीं टेकते और ईरान को हर्जाना नहीं देते, तब तक युद्ध खत्म नहीं होगा। यह उनका सुप्रीम लीडर बनने के बाद पहला बड़ा आदेश माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने सभी युद्धविराम प्रस्तावों को खारिज कर दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई देशों की ओर से ईरान को युद्धविराम के प्रस्ताव भेजे गए थे, लेकिन मुज्तबा खामेनेई ने उन्हें ठुकरा दिया। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया कि विदेश मंत्रालय तक ये संदेश पहुंचे थे, लेकिन ईरान ने फिलहाल किसी भी तरह की शांति वार्ता से इनकार कर दिया है। सुप्रीम लीडर ने अपनी पहली विदेश नीति बैठक में कड़ा रुख दिखाते हुए कहा कि यह समय समझौते का नहीं, बल्कि जवाब देने का है।

ईरान में सुप्रीम लीडर का पद सबसे शक्तिशाली माना जाता है और देश के सभी अहम फैसले उसी स्तर पर लिए जाते हैं। मुज्तबा खामेनेई को हाल ही में उनके पिता अली खामेनेई की जगह इस पद पर चुना गया है। हालांकि उनके स्वास्थ्य को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। कुछ ईरानी अधिकारियों के अनुसार हाल के हमलों में उन्हें हल्की चोटें आई हैं, जबकि अमेरिका का दावा है कि वे गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

इस बीच, ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी संघर्ष अब तीसरे हफ्ते में पहुंच चुका है। इस युद्ध में अब तक करीब 2,000 लोगों की जान जा चुकी है और हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है।

अपने पहले संदेश में मुज्तबा खामेनेई ने कहा था कि होर्मुज का रास्ता बंद रखना दुश्मनों पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। वहीं दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भी युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रही कूटनीतिक कोशिशों को खारिज कर दिया है, जिससे इस संघर्ष के जल्द खत्म होने की संभावना कम नजर आ रही है।

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