कुंडा में राजा भैया को चुनौती देने की तैयारी, अखिलेश यादव का नया महिला कार्ड—ज्योत्सना सिंह की एंट्री!
समाजवादी पार्टी ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और इसी क्रम में कुंडा की सियासत में बड़ा उलटफेर करने की रणनीति पर काम शुरू हो गया है। जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के प्रमुख और कुंडा से लंबे समय से विधायक रहे राजा भैया (56 साल) के मजबूत गढ़ को भेदने के लिए सपा एक नए और युवा चेहरे पर दांव लगाने की तैयारी में है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस बार सपा की ओर से ज्योत्सना सिंह को मैदान में उतारा जा सकता है।
सूत्र बताते हैं कि हाल ही में हुई बैठकों के दौरान सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कुंडा सीट को लेकर खास रणनीति पर चर्चा की है और एक युवा महिला उम्मीदवार को आगे लाने के संकेत दिए हैं। हालांकि पार्टी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यह लगभग तय माना जा रहा है कि ज्योत्सना सिंह को प्रतापगढ़ जिले से चुनावी जिम्मेदारी दी जा सकती है। यह साफ नहीं है कि वह कुंडा सीट से चुनाव लड़ेंगी या प्रतापगढ़ सदर से, लेकिन उनका नाम सियासी हलकों में तेजी से चर्चा में है।
ज्योत्सना सिंह की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो वे शिक्षित, युवा और क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय चेहरा मानी जाती हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा और कोचिंग राजस्थान के कोटा स्थित एलेन से पूरी की है। इसके बाद उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी, लखनऊ से पत्रकारिता में स्नातक की पढ़ाई की। शिक्षा पूरी करने के बाद वे सामाजिक गतिविधियों से जुड़ीं और धीरे-धीरे राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने लगीं।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि ज्योत्सना सिंह वर्ष 2022 से प्रतापगढ़ क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। स्थानीय मुद्दों, सामाजिक सरोकारों और युवाओं से जुड़े विषयों पर उनकी पकड़ मानी जाती है। यही वजह है कि सपा उन्हें एक संभावित मजबूत दावेदार के रूप में देख रही है, जो पारंपरिक राजनीति से हटकर नया संदेश दे सके।
बताया जा रहा है कि ज्योत्सना सिंह और सपा सांसद प्रिया सरोज के बीच अच्छी दोस्ती है और दोनों परिवारों के रिश्ते भी पुराने हैं। दोनों ही परिवार शुरू से समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं, जिससे पार्टी के भीतर ज्योत्सना की स्थिति और मजबूत मानी जा रही है। सपा नेतृत्व को उम्मीद है कि महिला और युवा चेहरे के जरिए वह कुंडा की राजनीति में नया समीकरण बना सकती है।
अगर राजा भैया के सामने कुंडा में ज्योत्सना सिंह को उतारा जाता है, तो यह मुकाबला बेहद दिलचस्प हो सकता है। एक ओर वर्षों से कुंडा की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले राजा भैया होंगे, तो दूसरी ओर सपा का नया महिला कार्ड, जो बदलाव और नई राजनीति का संदेश देगा। आने वाले दिनों में सपा की इस रणनीति पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।