मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

जनवरी में महंगाई में गिरावट, खुदरा मुद्रास्फीति 4.31% पर, कर्ज दरें कम होने की संभावना

जनवरी में महंगाई में गिरावट, खुदरा मुद्रास्फीति 4.31% पर, कर्ज दरें कम होने की संभावना

महंगाई से जुड़ी एक राहत भरी खबर सामने आई है। खुदरा मुद्रास्फीति में कमी दर्ज की गई है, जहां दिसंबर में यह 5.22 प्रतिशत थी, वहीं जनवरी में घटकर 4.31 प्रतिशत हो गई। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने बुधवार को इस संबंध में ताजा आंकड़े जारी किए। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी 2024 में 5.1 प्रतिशत थी, जबकि दिसंबर में यह 5.22 प्रतिशत रही थी। खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति भी घटी है, जो जनवरी में 6.02 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि दिसंबर में यह 8.39 प्रतिशत और पिछले वर्ष इसी महीने में 8.3 प्रतिशत थी।

सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि खुदरा मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत के लक्ष्य के आसपास बनी रहे, जिसमें 2 प्रतिशत का उतार-चढ़ाव स्वीकार्य होगा। आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में मुद्रास्फीति दिसंबर के 5.76 प्रतिशत से घटकर जनवरी में 4.64 प्रतिशत हो गई, जबकि शहरी मुद्रास्फीति भी दिसंबर के 4.58 प्रतिशत की तुलना में जनवरी में 3.87 प्रतिशत पर आ गई।

बजट 2024 में सरकार ने उपभोग बढ़ाने के लिए आयकर में बड़ी राहत दी है, जिससे नई टैक्स व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय टैक्स फ्री हो गई है।

क्या सस्ते कर्ज की संभावना बढ़ेगी?

जनवरी में खुदरा मुद्रास्फीति में आई गिरावट के चलते आरबीआई द्वारा नीतिगत दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ गई है। फरवरी में आरबीआई ने लगभग पांच वर्षों में पहली बार अपनी प्रमुख नीति दर में 25 आधार अंकों की कमी की थी, जिससे इसे 6.25% कर दिया गया। इसका उद्देश्य धीमी पड़ती अर्थव्यवस्था को गति देना था। पिछले साल अक्टूबर में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति 14 महीनों के उच्चतम स्तर 6.2% पर पहुंच गई थी, जबकि खाद्य मुद्रास्फीति 15 महीनों में सबसे अधिक 10.9% दर्ज की गई थी।

Share This
अगला लेख → अडाणी ग्रुप का बड़ा कदम: समाज सेवा के कार्यों में 10,000 करो…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 76,783 -53 (-0.07%)
निफ्टी 23,999 +3 (+0.01%)
मौसम
28°C
Light rain shower
💧 79% 💨 6 km/h
Dehradun