टाटा पावर से 838 मेगावाट का बड़ा ऑर्डर मिलने पर Suzlon Energy के शेयरों पर निवेशकों की नज़र, बाजार में हल्की तेजी l
टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) से 838 मेगावाट के वायु ऊर्जा प्रोजेक्ट का बड़ा ऑर्डर मिलने के बाद विंड एनर्जी कंपनी Suzlon Group के शेयरों ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। मंगलवार को बाजार में Suzlon के शेयरों में 1.3% की तेजी देखी गई, जबकि टाटा पावर के शेयर भी लगभग 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़त के साथ बंद हुए। यह ऑर्डर Suzlon के लिए वित्तीय वर्ष 2026 का सबसे बड़ा ऑर्डर है और कंपनी के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा ऑर्डर माना जा रहा है.
इस ऑर्डर के तहत Suzlon को 266 यूनिट्स की S144 श्रेणी की “मेड इन इंडिया” विंड टरबाइनों की आपूर्ति करनी है, जिनकी क्षमता 3.15 मेगावाट प्रति टरबाइन होगी। यह परियोजना कर्नाटक (302 मेगावाट), महाराष्ट्र (271 मेगावाट) और तमिलनाडु (265 मेगावाट) में फैली होगी। यह प्रोजेक्ट टाटा पावर की “Firm and Dispatchable Renewable Energy” (FDRE) योजना के अंतर्गत आता है, जो भारत के ऊर्जा संक्रमण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
Suzlon ग्रुप के वाइस चेयरमैन गिरिश टांती ने कहा, “हमारा टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी के साथ दशकों पुराना सहयोग भारतीय ऊर्जा संक्रमण को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा रहा है। यह तीसरा बड़ा ऑर्डर हमारे दीर्घकालीन साझेदारी का प्रमाण है।” CEO जेपी चालसानी ने कहा कि TPREL एक ऐसा चयनित भागीदार है, जो तकनीक, विश्वसनीयता और निष्पादन के उच्चतम मानकों की मांग करता है, और Suzlon इस मांग पर खरा उतरने वाला पार्टनर है.
इस समझौते ने न केवल Suzlon के ऑर्डर बुक को मज़बूती दी है, बल्कि इसे भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के पूरा होने की दिशा में एक ठोस कदम भी माना जा रहा है। भारत सरकार का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता हासिल करना है और इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होंगे.
हालांकि शेयर बाजार में Suzlon के शेयर में मामूली तेजी बनी रही, निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं क्योंकि ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक और घरेलू दोनों प्रकार की चुनौतियां बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ऑर्डर कंपनी की वित्तीय मजबूती और परियोजना निष्पादन क्षमता को दर्शाता है, जिससे आने वाले समय में कंपनी के शेयरों में और मजबूती आ सकती है.