मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

“ट्रंप ने रूसी तेल खरीद पर लगाया 25% अतिरिक्त टैरिफ, पुतिन ने भारत को दिया भारी डिस्काउंट का तगड़ा ऑफर”

“ट्रंप ने रूसी तेल खरीद पर लगाया 25% अतिरिक्त टैरिफ, पुतिन ने भारत को दिया भारी डिस्काउंट का तगड़ा ऑफर”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने को लेकर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, जिसे लेकर भारत और अमेरिका के बीच कड़ा टैरिफ संघर्ष जारी है। यह नया टैरिफ 27 अगस्त 2025 से प्रभावी हुआ, जिससे भारत पर कुल टैरिफ 50% हो गया है। ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि भारत रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद कर रहा है।

हालांकि, इस कड़ी टैरिफ नीति के बावजूद भारत ने रूसी तेल की खरीद कम नहीं की है, बल्कि बढ़ाने की योजना बना रहा है। रूस ने भी भारत को तेल पर भारी छूट देने की पेशकश की है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रूस ने भारत को सप्लाई किए जाने वाले यूराल क्रूड पर प्रति बैरल 3 से 4 डॉलर तक की अतिरिक्त छूट का ऑफर दिया है, जो पिछले कुछ महीनों में बढ़ती छूट का हिस्सा है।

इस कदम से भारत और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग और गहरा होगा, जबकि अमेरिका की टैरिफ रणनीति उल्टा असर दिखा रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए रणनीतिक फैसले ले रहा है और उसे अमेरिकी दबावों से नहीं झटना होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि भारत अपने किसानों, उद्योगों और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए रणनीतिकता से काम करेगा और किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।

यह मामला अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भू-राजनीति के लिहाज़ से काफी संवेदनशील माना जा रहा है।

Share This
अगला लेख → “हार्ट से लेकर डायबिटीज तक: आपकी गर्दन का साइज क्या बता सकता…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 76,766 -70 (-0.09%)
निफ्टी 23,985 -11 (-0.05%)
मौसम
24°C
Light rain shower
💧 95% 💨 4 km/h
Dehradun