बर्ड फ्लू वायरस में हो रहे म्यूटेशन, इसका खतरा कितना बड़ा है ?
बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लूएंजा कहा जाता है, एक खतरनाक बीमारी है जो पहले केवल पक्षियों में पाई जाती थी, लेकिन अब यह वायरस इंसानों और अन्य जानवरों को भी संक्रमित कर रहा है। इसके कारण दुनियाभर में बर्ड फ्लू का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। हाल ही में अमेरिका में बर्ड फ्लू से 20 बिल्लियाँ मारी गई हैं, और यह संक्रमण पक्षियों से जानवरों में फैलने के कारण हुआ है। इसके अलावा, अमेरिका में एक व्यक्ति भी बर्ड फ्लू से संक्रमित पाया गया था। इस व्यक्ति के रक्त परीक्षण से पता चला कि उसमें बर्ड फ्लू वायरस में म्यूटेशन यानी बदलाव हुए हैं, जिससे वायरस में नयापन आ गया है।
अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) ने बताया कि पिछले सप्ताह बर्ड फ्लू के पहले गंभीर मामले की जांच की गई, जिसमें म्यूटेशन का पता चला। इस विश्लेषण से यह सामने आया कि वायरस में ऐसे बदलाव हुए हैं जो पहले किसी संक्रमित व्यक्ति में नहीं देखे गए थे। CDC के अनुसार, इस व्यक्ति के नमूनों में हेमाग्लूटिनिन (HA) जीन में म्यूटेशन पाया गया, जो वायरस का वह हिस्सा है जो अधिक खतरनाक होता है। इससे यह स्पष्ट है कि बर्ड फ्लू के वायरस के बारे में अब अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
म्यूटेशन का खतरा CDC का कहना है कि जब भी वायरस में बदलाव होता है, तो उसे म्यूटेशन कहा जाता है। वायरस अपनी ताकत बढ़ाने के लिए इस तरह के बदलाव करता है। अमेरिका में जिस मरीज में बर्ड फ्लू वायरस का म्यूटेशन देखा गया है, वह एक दुर्लभ स्ट्रेन है, हालांकि अन्य देशों में गंभीर संक्रमण के दौरान ऐसे स्ट्रेन्स देखे गए हैं। इनमें से एक म्यूटेशन वाला स्ट्रेन कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में भी एक गंभीर मामले में पाया गया था। हालांकि, CDC ने यह भी बताया कि लुइसियाना में इस मरीज से अन्य लोगों में संक्रमण फैलने की कोई खबर नहीं है।
अमेरिका में बर्ड फ्लू का पहला गंभीर मामला पिछले सप्ताह अमेरिका में बर्ड फ्लू का पहला गंभीर मामला सामने आया, जिसमें लुइसियाना के एक 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति में वायरस पाया गया। इस व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था, और जांच में पता चला कि वह बर्ड फ्लू से संक्रमित था, जो पक्षियों या जानवरों से फैलने वाला था।