“बारिश के बाद सड़क पर फैले कीचड़ से बचें, हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां”
बारिश के मौसम में रास्तों पर फैला कीचड़ सामान्य परेशानी के साथ-साथ कई खतरनाक बीमारियों का कारण भी बन सकता है। कीचड़ में बसी गंदगी और सूक्ष्मजीव त्वचा, श्वसन और जठरांत्र संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
शोधों के मुताबिक, कीचड़ और बाढ़-प्रभावित मिट्टी में बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी होते हैं जो दस्त, त्वचा संक्रमण, श्वसन संबंधी संक्रमण और लेप्टोस्पाइरोसिस जैसी गंभीर बीमारियां फैला सकते हैं। लेप्टोस्पाइरोसिस विशेष रूप से खतरनाक है, जो संक्रमित पानी या मिट्टी के संपर्क में आने पर फैलती है।
कीचड़ में चलने से त्वचा पर रैशेज, खुजली और फफोले बन सकते हैं, खासकर यदि शरीर पर कट या घाव हों तो संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। साथ ही सांस के जरिये बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकते हैं जिससे खांसी, जुकाम या फेफड़ों की बीमारी हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के बाद कीचड़ में चलने के बाद तुरंत साबुन पानी से अच्छी तरह हाथ-पैर धोना चाहिए। खुले घावों को कीचड़ से बचाना जरूरी है और यदि संक्रमण के लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
सड़क किनारे कीचड़ में फंसे मच्छर और कीट भी डेंगू, मलेरिया जैसे रोगों का खतरा बढ़ाते हैं, इसलिए स्थानीय स्वास्थ्य विभाग से समय-समय पर जागरूकता और बचाव अभियान चलाने चाहिए।
बरसात के दौरान कीचड़ से बचाव और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने से आप इन खतरनाक बीमारियों से बच सकते हैं।