मंदिर की जमीन कब्जाने के आरोप पर मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने साधी चुप्पी, महंत का धरना और जमकर बवाल
मंदिर की जमीन को कब्जाने के आरोपों के बीच प्रदेश की मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने इस विवाद पर कोई जवाब देने से परहेज किया है। इस चुप्पी से विवाद और बढ़ गया है और मामला तनावपूर्ण होता जा रहा है।
इस बीच, मंदिर के महंत ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सार्वजनिक धरना शुरू कर दिया है। महंत का कहना है कि मंदिर की जमीन पर गैरकानूनी कब्जा स्थापित किया जा रहा है, जिसे वे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे। महंत के धरने के समर्थन में काफी संख्या में स्थानीय लोग भी जुट गए हैं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है।
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को काबू में करने के लिए सुरक्षा बढ़ाई है, लेकिन मामला अभी भी गर्म भांपता दिख रहा है। विवाद के चलते राजनैतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है और विपक्षी दल मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम की चुप्पी को लेकर सख्त सवाल उठा रहे हैं।
विशेषज्ञ टिप्पणी दे रहे हैं कि धार्मिक स्थलों की जमीनों के मामलों में संवेदनशीलता का इस्तेमाल होना चाहिए और ऐसे विवादों को बातचीत और समझौते से सुलझाना ही बेहतर होता है।
यह मामला आगे भी राजनीतिक और सामाजिक लिहाज से तहलका मचा सकता है, क्योंकि धर्म और राजनीति का यह संगम अक्सर भारी उठा-पटक का कारण बनता है।