यूपी के 8 जिलों में सूखे जैसे हालात, 21 जिलों में बारिश सामान्य से कम; जबकि 30 जनपदों में गहराया बारिश का असर!
प्रदेश के 30 जिलों में भरपूर बारिश हुई , लेकिन 21 जिलों में सामान्य से कम बारिश है। इसमें आठ जिलों की स्थिति बेहद खराब हैं। यहां 40 फीसदी से कम बारिश हुई है। यहां खेती को लेकर अलग से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रभावित 8 ज़िलों के लिए कृषि विभाग ने विशेष योजनाओं का निर्देश जारी किया है। इसमें बारिश-चिरस्थायी फसलों को बढ़ावा, निशुल्क बीज वितरण, और खेती के विकल्पों को प्राथमिकता देना शामिल है। उदाहरण के तौर पर, धान और मकई के बजाय तोरिया जैसी फसलों का विकल्प सुझाया गया है।
प्रदेश में सप्ताह भर से बारिश का दौर चल रहा है। ज्यादातर नदियां उफान पर हैं। कई जिलों में जलभराव मुसीबत बनी हुई, लेकिन 21में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है। इसमें आठ जिलों की स्थिति खेती के लिहाज से संवेदनशील मानी गई है। इसमें देवरिया में सामान्य 443 मिलीमीटर की अपेक्षा अभी तक सिर्फ 51.7 मिलीमीटर बारिश हुई है।
इसी तरह गौतमबुद्ध नगर में 67.2, गाजियाबाद में 92.6, शामली में 102.7, कुशीनगर में 194, पीलीभीत में 223.6, संत कबीर नगर में 279.5 और मऊ में 237.5 मिलीमीटर बारिश हुई है। इन आठों अत्यधिक कम और अल्प बारिश वाले जिलों में कृषि विभाग को आकस्मिक प्लान बनाकर फसलों के क्षेत्र आच्छादन (खेती) के लिए योजना बनाने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत इन जिलों में धान, मक्का के बजाय बिना बारिश वाली फसलें उठाने की सलाह दी गई है। कृषि विभाग यहां निशुल्क बीज वितरण का कोटा बढ़ा दिया है। तोरिया का बीज निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।