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यूपी में फायर सेफ्टी पर बड़ा एक्शन, बिना NOC नहीं मिलेगा बिजली कनेक्शन और व्यापार लाइसेंस

यूपी में फायर सेफ्टी पर बड़ा एक्शन, बिना NOC नहीं मिलेगा बिजली कनेक्शन और व्यापार लाइसेंस

उत्तर प्रदेश में अलीगंज अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य सरकार ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के सभी बड़े भवनों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य होगा। इसके तहत कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी इमारतों, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों और अन्य व्यावसायिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जांच कराई जाएगी। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी संस्थान निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के बिना किसी भी भवन को न तो व्यापार लाइसेंस मिलेगा और न ही बिजली का नया कनेक्शन जारी किया जाएगा। इस संबंध में आवास एवं नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव गुरुप्रसाद ने शासनादेश जारी करते हुए सभी विकास प्राधिकरणों और उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद को तत्काल नए नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

शासनादेश के अनुसार, प्रत्येक जिले में विशेष टास्क फोर्स गठित की जाएगी, जो भवनों की नियमित जांच करेगी। यदि किसी भवन में अवैध व्यावसायिक गतिविधियां या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो संबंधित प्रवर्तन अधिकारियों और एनओसी जारी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अग्निशमन विभाग, बिजली विभाग, विकास प्राधिकरण और नगर निगम के रिकॉर्ड का भी मिलान कर अनियमितताओं की जांच की जाएगी।

सरकार ने आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को भी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। अग्निकांड की स्थिति में संबंधित विभागों का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखने और घायलों के त्वरित उपचार के लिए अस्पतालों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी अस्पतालों का भी फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रहे।

नई व्यवस्था के तहत बेसमेंट में कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी संचालित करने पर तत्काल रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले भवनों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत सेल्फ सर्टिफिकेशन अनिवार्य होगा। इसके अलावा प्रत्येक तहसील में नए अग्निशमन केंद्र स्थापित किए जाएंगे और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी भवनों में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग सुरक्षित मार्ग उपलब्ध हों, जिससे किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

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