यूपी सरकार हर जिले में बनाएगी ‘आदर्श गौशाला’, काऊ टूरिज्म से बढ़ेंगे रोजगार और आत्मनिर्भरता l
उत्तर प्रदेश सरकार ने गौशालाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और रोजगार के नए केंद्र बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के हर जिले में एक ‘आदर्श गौशाला’ स्थापित की जाएगी, जिसे ‘काऊ टूरिज्म सेंटर’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इस योजना का मकसद न केवल गौसंवर्धन करना है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना भी है।
सरकार की योजना के तहत आदर्श गौशालाओं को आधुनिक सुविधाओं, स्वच्छता और प्रशिक्षण केंद्रों से लैस किया जाएगा। इन केंद्रों में गाय से मिलने वाले उत्पाद जैसे गोबर, गोमूत्र, दूध, घी और उनसे बने अन्य उत्पाद बनाए और बाजार में बेचे जाएंगे। इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को भी इन गतिविधियों में शामिल किया जाएगा, जिससे महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार मिलेगा।
पशुधन और दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि काऊ टूरिज्म सेंटर न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थल होंगे, बल्कि पर्यटकों का आकर्षण भी बनेंगे। इससे प्रदेश के ग्रामीण इलाकों का विकास होगा और भटकती गायों की समस्या में कमी आएगी।
प्रथम चरण में आठ मंडलों की आठ गौशालाओं को मॉडल के तौर पर विकसित किया जाएगा, जिनमें प्रमुख शहर जैसे अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर, चित्रकूट, बरेली, आगरा, कानपुर और झांसी शामिल हैं। इन आदर्श गौशालाओं से प्रेरणा लेकर अन्य जिलों में भी इसे लागू किया जाएगा।
इस योजना से उत्तर प्रदेश के पशुपालन क्षेत्र को नया आयाम मिलेगा और यह ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगा। साथ ही, यह योजना कृषि और प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देगी, जिससे प्रदेश की आर्थिक दशा सुधरने में मदद मिलेगी।