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रूस आसमान से यूक्रेन पर बरसा रहा विनाश, जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से की एयर डिफेंस सिस्टम की आपत्ति l

रूस आसमान से यूक्रेन पर बरसा रहा विनाश, जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से की एयर डिफेंस सिस्टम की आपत्ति l

रूस लगातार आकाश से यूक्रेन पर हमला कर रहा है, जिससे देश में तबाही का सिलसिला बदस्तूर जारी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से विशेष गुहार लगाई है कि उन्हें उच्च सक्षम एयर डिफेंस सिस्टम की तत्काल जरूरत है। जेलेंस्की ने कहा कि रूसी हमलों के कारण यूक्रेन पर आसमान से आफत बरस रही है, और इसके चलते आम जनजीवन और सुरक्षा पर भारी खतरा मंडरा रहा है।

रूस ने इस साल के विभिन्न दौरों में गहन ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं, जिनका उद्देश्य यूक्रेन की सैन्य, आर्थिक और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाना है। कीव सहित कई बड़े शहरों में रूसी हवाई हमलों के कारण भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। यूक्रेन के कई एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट हो गए हैं या सीमा से बाहर हो चुके हैं, जिससे देश की रक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है।

इस बीच, जेलेंस्की ने खास तौर पर यूरोपीय संघ और नाटो के सदस्य देशों से एक संयुक्त एयर डिफेंस प्रणाली बनाने की अपील की है। उनका कहना है कि केवल यूक्रेन ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोप के लिए रूस का आसमान से हमला बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। उन्होंने कहा, “हमें जल्द से जल्द एक प्रभावी और किफायती एयर डिफेंस सिस्टम चाहिए, जो हमारे आसमान को सुरक्षित रख सके।”

रूस द्वारा हाईपरसोनिक मिसाइलों का उपयोग भी चिंता का विषय है, क्योंकि ये मिसाइलें परंपरागत एयर डिफेंस सिस्टम से बच निकलने में सक्षम हैं। यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों की अब यह चुनौती है कि वे इन खतरनाक हमलों से बचाव के लिए नई तकनीकों और हथियारों का विकास करें।

रूस-यूक्रेन युद्ध का यह नया चरण वैश्विक सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि यूरोप के कई देश पहले ही अपने हवाई क्षेत्र में रूसी ड्रोन दखलअंदाजी की घटनाओं से जूझ रहे हैं। इस सारे तनाव के बीच नाटो के कई सदस्य देश अपनी सीमाओं के रक्षा प्रबंधन को मजबूत कर रहे हैं।

यूक्रेनी सेना की वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा के लिए पश्चिमी सहयोग एवं एयर डिफेंस प्रणाली की अहमियत इस समय सबसे ज्यादा बढ़ गई है। देश की जनता इसी उम्मीद में है कि यूरोपीय बाल्कन देशों की मदद से यूक्रेन की सुरक्षा बुनियाद मजबूत हो सकेगी और रूस के हमलों को प्रभावी रूप से रोकने में मदद मिलेगी।

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