रोजाना शॉवर लेने वाले हो जाएं सावधान: आपके शॉवर हेड में छिपा है फेफड़ों के लिए खतरनाक बैक्टीरिया l
आप जहाँ रोजाना नहाते हैं, वही जगह आपके स्वास्थ्य के लिए खतरा भी बन सकती है। अमेरिका के कोलोराडो बोल्डर विश्वविद्यालय के हालिया अध्ययन में यह सामने आया है कि शॉवर हेड और पाइप में लाखों की संख्या में खतरनाक बैक्टीरिया और फंगस जमा हो जाते हैं। इनमें से कुछ बैक्टीरिया, जैसे लीजियोनेला न्यूमोफिला, फेफड़ों में संक्रमण कर गंभीर बीमारी पैदा कर सकते हैं।
शॉवर के अंदर रात भर जमा नमी और गंदगी से बनी ‘बायोफिल्म’ नामक परत में ये हानिकारक सूक्ष्मजीव पनपते हैं। जब आप शॉवर चालू करते हैं, तो पानी की तेज धारा इन बैक्टीरिया के कणों को हवा में उड़ा कर आपके शरीर और फेफड़ों तक पहुंचा देती है। इससे खासतौर पर उन लोगों को खतरा बढ़ जाता है जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है, जैसे बुजुर्ग, बच्चे, और फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित लोग।
शॉवर के पानी में मौजूद क्लोरीन भी एक और समस्या है। गर्म पानी बनने पर क्लोरीन पार्श्व उत्पादों में बदलकर वाष्प में परिवर्तित हो जाता है, जिसे आप सांस के जरिए सीधे फेफड़ों में पहुंचाते हैं। इससे अस्थमा, खांसी, और अन्य श्वास संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
इसे रोकने के लिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:
शॉवर हेड को नियमित रूप से सिरके या किसी हल्के कीटाणुनाशक में भिगोकर साफ करें।
शॉवर की नली को 6 से 12 महीने में बदलते रहें।
जटिल और अधिक पानी जमा करने वाले शॉवर हेड से बचें।
शॉवर शुरू करने से पहले 30-60 सेकंड तक पानी बहाएं ताकि खड़ा पानी निकल जाए।
मास्क पहनकर शॉवर लेना, खासकर जिनकी इम्युनिटी कमजोर हो, उनके लिए फायदेमंद हो सकता है।
जल फिल्टरिंग शॉवर हेड का उपयोग करें जो क्लोरीन और बैक्टीरिया को कम करते हैं।
इस सावधानी से आप अपने नहाने के अनुभव को स्वस्थ और सुरक्षित बना सकते हैं, और फेफड़ों व त्वचा को संभावित खतरों से बचा सकते हैं।