लखनऊ में मौलाना मदनी का बड़ा बयान, बोले— ‘सबको कुरान पढ़ाइए’
राजधानी लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रमुख इस्लामी धर्मगुरु मौलाना अरशद मदनी ने कुरान की शिक्षाओं और इस्लाम के संदेश पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी समझ और भाईचारे को बढ़ाने के लिए लोगों को कुरान पढ़ना और उसकी शिक्षाओं को समझना चाहिए।
अपने संबोधन में मौलाना मदनी ने कहा, “सबको कुरान पढ़ाइए। यह कत्ल की बात नहीं करता, बल्कि इंसानियत, अमन और भाईचारे का संदेश देता है।” उन्होंने दावा किया कि दुनिया के कई हिस्सों में इस्लाम के प्रसार का एक प्रमुख कारण उसकी मानवीय और नैतिक शिक्षाएं हैं।
मौलाना ने कहा कि किसी भी धर्मग्रंथ को लेकर राय बनाने से पहले उसे स्वयं पढ़ना और समझना आवश्यक है। उनके अनुसार, कुरान शांति, न्याय, करुणा और मानवता की शिक्षा देता है तथा समाज में सद्भाव स्थापित करने पर बल देता है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों से उन्होंने धार्मिक सहिष्णुता, आपसी सम्मान और संवाद को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच बेहतर समझ विकसित होने से समाज में सौहार्द और एकता मजबूत होगी।
मौलाना मदनी के इस बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समर्थकों ने इसे शांति और सद्भाव का संदेश बताया है, जबकि विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक हलकों में भी उनके बयान पर चर्चा जारी है।
फिलहाल यह बयान सार्वजनिक और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बना हुआ है तथा इस पर विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।