मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

संजय निषाद और ओपी राजभर के सपा में आने की अटकलों पर धर्मेंद्र यादव का बड़ा बयान, यूपी चुनाव 2027 से पहले साफ हो सकती है तस्वीर l

संजय निषाद और ओपी राजभर के सपा में आने की अटकलों पर धर्मेंद्र यादव का बड़ा बयान, यूपी चुनाव 2027 से पहले साफ हो सकती है तस्वीर l

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले नए समीकरण बनने की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। इस बीच राज्य सरकार के मंत्री संजय निषाद और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलों पर सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने बड़ा बयान देकर तस्वीर साफ कर दी है।

धर्मेंद्र यादव ने आजमगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का दरवाजा उन सभी नेताओं के लिए खुला है जो भाजपा की नीतियों और जनविरोधी निर्णयों से असहमत हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी एकजुटता ही प्रदेश से भाजपा को सत्ता से बाहर करने का सबसे मजबूत रास्ता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक संजय निषाद या ओम प्रकाश राजभर के सपा में शामिल होने को लेकर कोई औपचारिक बातचीत या निर्णय नहीं हुआ है।

धर्मेंद्र यादव ने कहा, “हमारी पार्टी हमेशा सामाजिक न्याय, किसानों, युवाओं और गरीबों की आवाज़ उठाती रही है। अगर कोई भी नेता बीजेपी का साथ छोड़कर आना चाहेगा, तो स्वागत होगा। लेकिन कब और कैसे होगा, इसका निर्णय पार्टी नेतृत्व लेगा।”

हाल फिलहाल संजय निषाद और ओपी राजभर भाजपा के समर्थन में दिखाई देते हैं, लेकिन राजनीतिक जानकार मानते हैं कि दोनों नेताओं की नाराजगी और समीकरण बदलने के संकेत समय-समय पर सामने आते रहे हैं। ओपी राजभर का अतीत भी सपा के साथ गठबंधन का रहा है, वहीं निषाद पार्टी और भाजपा के बीच संबंधों में भी कई बार खटास दिख चुकी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछड़े वर्ग और मछुआरा समाज में पकड़ रखने वाले संजय निषाद और पूर्वांचल में मजबूत राजनीतिक आधार वाले ओपी राजभर अगर भविष्य में सपा के साथ आते हैं, तो यह भाजपा के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। दोनों नेताओं की ताकत समाजवादी पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक में जोड़कर 2027 के चुनाव में सपा की दावेदारी को और मजबूत कर सकती है।

इस बीच भाजपा ने ऐसे किसी भी अटकल को खारिज करते हुए दावा किया है कि संजय निषाद और ओपी राजभर दोनों ही एनडीए के हिस्से हैं और आगामी चुनावों में गठबंधन को मजबूत करेंगे। भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष सपा-केंद्रित गठबंधन को बड़ा दिखाने के लिए ऐसी अफवाहें फैला रहा है।

कुल मिलाकर, धर्मेंद्र यादव के बयान ने यह साफ कर दिया है कि संजय निषाद और ओपी राजभर की सपा में एंट्री को लेकर कोई औपचारिक बात नहीं हुई है। लेकिन 2027 के चुनाव से पहले बदलते राजनीतिक हालात में समीकरण किस ओर रुख करेंगे, इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है।

Share This
अगला लेख → गुजरात में सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का बवाल: वडोदरा में पथराव…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 76,766 -70 (-0.09%)
निफ्टी 23,985 -11 (-0.05%)
मौसम
27°C
Light rain shower
💧 88% 💨 7 km/h
Dehradun