सत्ता बचाने के लिए इंदिरा गांधी ने लगाया था आपातकाल – हृदय नारायण दीक्षित
लखनऊ – इंदिरा गांधी ने अपनी सत्ता को बचाए रखने के लिए संविधान का दुरूपयोग करते हुए आपातकाल लगाया था यह कहना है उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित का उनका कहना है की उन्हें यह प्रेरणा हिटलर द्वारा 1933 में जर्मनी में लगाई गई इमरजेंसी से प्राप्त हुई थी।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि भारत में लगाए गए आपातकाल के समय विचार स्वतंत्रता का गला घोंट दिया गया था। प्रेस के साथ उत्पीड़न हुआ था। समूचे देश में पुलिस राज था। हजारों लोग जेल में डाल दिए गए। पुलिस ने बहुत लोगों का अंग-भंग कर दिया। तानाशाही का नंगा नाच लगभग पौने दो साल रहा।
विधानसभा अध्यक्ष ने अपने अनुभव को बताते हुए कहा की वह आपातकाल उन्नाव जेल में रहे। उसी अवधि में लोकसभा के चुनाव हुए। चुनाव नतीजे आकाशवाणी पर सुनने के लिए उनके पास एक छोटा ट्रांजिस्टर था। रात के 3 बजे जेलर आया उसने उन्हें बहुत डांटा, अपशब्द कहे और 5.30 बजे इंदिरा गांधी को उस समय प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।