सिडनी में ‘RO-KO’ का तूफान: रोहित-कोहली ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से रौंदा
सिडनी में खेले गए वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर दौरे का अंत शानदार जीत के साथ किया। टीम इंडिया की इस जीत के नायक रहे रोहित शर्मा और विराट कोहली, जिन्होंने लंबे समय बाद एक बार फिर मिलकर टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया। दोनों दिग्गज बल्लेबाजों ने मिलकर 168 रन की शतकीय साझेदारी निभाई और 237 रन का लक्ष्य महज 39 ओवर में ही हासिल कर लिया। इस जीत ने न सिर्फ टीम इंडिया को आत्मविश्वास दिया बल्कि फैंस को भी पुरानी यादों में लौटा दिया।

ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 47 ओवर में 237 रन बनाए। टीम इंडिया के युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने इस मैच में अपने करियर का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया और 4 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई मिडिल ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया। उनके साथ वॉशिंगटन सुंदर ने भी 2 विकेट झटके, जबकि मोहम्मद सिराज और अक्षर पटेल ने एक-एक सफलता हासिल की। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैथ्यू रेनशॉ ने 56 और मिचेल मार्श ने 41 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज टिक नहीं पाए और पूरी टीम 237 रन पर सिमट गई।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने की। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए टीम को ठोस शुरुआत दी और 69 रन की साझेदारी की। गिल के आउट होने के बाद विराट कोहली क्रीज पर उतरे, जिन्होंने इस बार शुरुआत से ही आत्मविश्वास दिखाया। कोहली ने रोहित के साथ मिलकर पारी को संभाला और धीरे-धीरे मैच को पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।
रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपना 33वां वनडे शतक पूरा किया। यह उनका ऑस्ट्रेलिया की धरती पर छठा शतक था। वहीं विराट कोहली ने 75वां अर्धशतक पूरा करते हुए फॉर्म में वापसी का ऐलान किया। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 170 गेंदों में 168 रन जोड़ते हुए ऑस्ट्रेलिया को मैच से पूरी तरह बाहर कर दिया। अंत में भारत ने 39 ओवर में ही 9 विकेट से यह मुकाबला जीत लिया।
हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की, लेकिन आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम ने जिस अंदाज में जीत दर्ज की, उसने फैंस का दिल जीत लिया। सबसे बड़ी बात यह रही कि रोहित और कोहली की जोड़ी ने एक बार फिर दिखा दिया कि वे जब साथ बल्लेबाजी करते हैं, तो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए रुकना नामुमकिन हो जाता है। वहीं युवा गेंदबाज हर्षित राणा ने भी यह साबित कर दिया कि भारत के पास तेज गेंदबाजी में भविष्य के लिए शानदार विकल्प मौजूद हैं।