हर 45 मिनट में 10 स्क्वाट्स करना 10,000 कदम चलने जितना फायदेमंद? फिटनेस एक्सपर्ट की सच्चाई l
आजकल फिटनेस में 10,000 कदम चलना एक लोकप्रिय रूटीन बन चुका है, जिसकी सलाह अक्सर स्वास्थ्य विशेषज्ञ देते हैं। रोजाना इतने कदम चलने से वजन कम करने, ब्लड शुगर कंट्रोल और हार्ट हेल्थ बेहतर बनाने में मदद मिलती है। लेकिन व्यस्त जीवनशैली के कारण हर कोई रोज 10,000 कदम चलना संभव नहीं मानता। इसी बीच यह दावा सामने आया है कि हर 45 मिनट पर 10 स्क्वाट्स करना 10,000 कदम चलने जितना ही फायदेमंद हो सकता है।
फिटनेस एक्सपर्ट माइकल डीन ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में बताया कि स्क्वाट्स मसल्स को मजबूत करने, मेटाबॉलिज्म बढ़ाने और फैट बर्न करने में 10,000 कदम जितने प्रभावी हैं। वैज्ञानिक रिपोर्ट्स के अनुसार यदि कोई व्यक्ति 8.5 घंटे के दौरान हर 45 मिनट पर 10 स्क्वाट्स करता है तो यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और चर्बी घटाने में मदद करता है। यह नॉर्मल वॉक से भी अधिक असरदार हो सकता है।
स्क्वाट्स में जांघों, हिप्स, ग्लूटस मैक्सिमस, हैमस्ट्रिंग्स, कैल्व्स और कोर मसल्स सक्रिय होते हैं। यह एक्सरसाइज शरीर की लोअर बॉडी को टोन करती है, फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाती है और कैलोरी बर्न में सहायक होती है।
दूसरी ओर, 10,000 कदम चलने से शरीर में सक्रियता बढ़ती है, मूड अच्छा रहता है और हार्ट हेल्थ बेहतर होती है। यह एक लो इम्पैक्ट वॉक है, जिससे जोड़ों को नुकसान नहीं होता। रोज करीब 7-8 किलोमीटर की वॉक में 300-400 कैलोरी तक बर्न हो सकती है।
हालांकि, अगर समय कम है और अधिक तेजी से परिणाम चाहिए तो हर 45 मिनट में स्क्वाट्स करना बेहद फायदेमंद विकल्प है। इसके साथ ही यह ब्लड शुगर नियंत्रित करता है और मसल्स को ताकत देता है। वहीं, लंबे समय तक स्वस्थ रहने और स्थिर वजन बनाए रखने के लिए रोजाना 10,000 कदम चलना बेहतर माना जाता है।
एक्सपर्ट सुझाव
अगर वर्कआउट के लिए समय न हो तो हर 45 मिनट में 10 स्क्वाट्स जरूर करें।
कोशिश करें कि दिनभर में कम से कम 7,000 से 10,000 कदम जरूर चलें।
फिटनेस में विविधता रखें, वॉक और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दोनों को शामिल करें।
किसी भी एक्सरसाइज से पहले वार्मअप और बाद में स्ट्रीचिंग करना न भूलें।
इस तरह, हर 45 मिनट में स्क्वाट्स करना और रोजाना 10,000 कदम चलना दोनों ही स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। जीवनशैली के अनुसार इनमें से जो भी विकल्प आसान हो उसे अपनाकर फिट और सक्रिय रहना संभव है।