मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
भगवंत मान सरकार प्रदेश में स्वास्थ संबंधी समस्याओं को लेकर सजग छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल

1 जनवरी से बढ़ेगा आपकी जेब पर बोझ, बैंक और डिजिटल वॉलेट्स में लागू होंगे नए चार्ज

1 जनवरी से बढ़ेगा आपकी जेब पर बोझ, बैंक और डिजिटल वॉलेट्स में लागू होंगे नए चार्ज

नए साल की शुरुआत आम उपभोक्ताओं के लिए महंगी साबित हो सकती है, क्योंकि देश के बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट सिस्टम में कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। बैंकों और डिजिटल वॉलेट कंपनियों ने अपनी मुफ्त सेवाओं की सीमा घटाने और अलग-अलग सुविधाओं पर नए सर्विस चार्ज लगाने का फैसला किया है। इसका सीधा असर एटीएम, क्रेडिट कार्ड और डिजिटल वॉलेट इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।

प्राइवेट सेक्टर के बड़े बैंक ICICI बैंक ने अपने क्रेडिट कार्ड और वॉलेट ट्रांजैक्शन चार्ज में बदलाव किया है, जो 15 जनवरी 2026 से लागू होंगे। नए नियमों के तहत, अगर ग्राहक अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल गेमिंग ऐप्स पर करते हैं तो उन्हें ट्रांजैक्शन राशि का 2% शुल्क देना होगा। वहीं, पेटीएम या मोबिक्विक जैसे थर्ड-पार्टी वॉलेट में 5,000 रुपये से अधिक की रकम लोड करने पर 1% अतिरिक्त चार्ज देना पड़ेगा। इसके अलावा, बैंक ब्रांच में जाकर नकद बिल जमा करने की फीस भी 100 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये कर दी गई है।

मनोरंजन से जुड़े ऑफर्स में भी सख्ती की जा रही है। 1 फरवरी 2026 से BookMyShow के जरिए मिलने वाले मुफ्त मूवी टिकट ऑफर को सीमित कर दिया जाएगा। अब यह सुविधा केवल उन्हीं ग्राहकों को मिलेगी, जिन्होंने पिछली तिमाही में कम से कम 25,000 रुपये खर्च किए हों। साथ ही, रूबिक्स और सैफिरो जैसे प्रीमियम क्रेडिट कार्ड्स पर रिवॉर्ड पॉइंट्स पाने के लिए अब हर महीने 20,000 रुपये की न्यूनतम खरीदारी जरूरी होगी।

डिजिटल वॉलेट इस्तेमाल करने वालों के लिए भी बड़ा बदलाव सामने आया है। एयरटेल पेमेंट बैंक ने अपने वॉलेट यूजर्स पर 1 जनवरी से 75 रुपये (प्लस GST) का एनुअल मेंटेनेंस चार्ज लगाने का ऐलान किया है। अगर किसी ग्राहक के वॉलेट में पर्याप्त बैलेंस नहीं है, तो बैंक उपलब्ध राशि काट लेगा और बाकी रकम भविष्य में पैसे आने पर अपने आप डेबिट कर लेगा। यह फैसला डिजिटल वॉलेट सेक्टर में बदलते कारोबारी मॉडल की ओर इशारा करता है।

भारत में डिजिटल वॉलेट का सफर 2004 में ऑक्सीजन वॉलेट से शुरू होकर 2010 में PAYTM के साथ तेजी से आगे बढ़ा था। शुरुआती दौर में ये सेवाएं लगभग मुफ्त थीं, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। 2021 से मोबिक्विक ने इनएक्टिव वॉलेट पर चार्ज लगाना शुरू किया, जिसके बाद कई कंपनियों ने KYC, कार्ड से पैसे लोड करने और अन्य सेवाओं पर 1.5% तक शुल्क वसूलना शुरू कर दिया। इससे साफ है कि डिजिटल लेनदेन की लागत अब धीरे-धीरे उपभोक्ताओं पर डाली जा रही है।

इसी बीच ग्रामीण बैंकिंग को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम पहल की है। देश के सभी 28 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) अब एक समान पहचान के साथ काम करेंगे। वित्त मंत्रालय और नाबार्ड ने मिलकर इन बैंकों के लिए एक नया एकीकृत लोगो जारी किया है। इस लोगो में दिखाई गई तीन-स्तरीय उठती हुई लौ विकास, ज्ञान और ग्रामीण सशक्तीकरण का प्रतीक है, जबकि हाथ का चिन्ह ग्राहकों के भरोसे और संरक्षण को दर्शाता है। यह कदम ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था को एक नई पहचान देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

Share This
अगला लेख → प्रेयर मीट से दूर रहीं हेमा मालिनी, शोभा डे के खुलासे से उठा…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 77,645 +879 (+1.15%)
निफ्टी 24,246 +261 (+1.09%)
मौसम
28°C
Light rain shower
💧 80% 💨 6 km/h
Dehradun