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BMC में 40 साल बाद BJP का मेयर, रितु तावड़े निर्विरोध चुनी गईं

BMC में 40 साल बाद BJP का मेयर, रितु तावड़े निर्विरोध चुनी गईं

मुंबई नगर निगम (BMC) में इस बार सियासी तस्वीर बदल गई है। भाजपा पार्षद रितु तावड़े को निर्विरोध मुंबई का मेयर चुना गया है। शिवसेना (यूबीटी) द्वारा महापौर पद के लिए उम्मीदवार न उतारने के फैसले के बाद चार दशकों में पहली बार भाजपा का कोई नेता मुंबई का मेयर बना है। इस घटनाक्रम के साथ ही नगर निकाय पर ठाकरे परिवार का 25 वर्षों से चला आ रहा वर्चस्व समाप्त हो गया है।

227 सदस्यीय बीएमसी में हुए चुनाव में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। उसकी सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) ने 29 सीटें जीतीं। इस तरह भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के पास कुल 118 पार्षदों का समर्थन रहा, जिससे महापौर पद पर जीत सुनिश्चित हो गई। उपमहापौर पद पर संजय घाड़ी को चुना गया।

वहीं, शिवसेना (यूबीटी), जिसने 1997 से लगातार 25 वर्षों तक नगर निकाय पर शासन किया था, इस बार 65 सीटों पर सिमट गई। उसके सहयोगी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) को 6 सीटें और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) को 1 सीट मिली।

रितु तावड़े घाटकोपर पश्चिम से तीन बार की पार्षद रह चुकी हैं। उन्हें जमीनी स्तर की राजनीति और नागरिक प्रशासन में एक दशक से अधिक का अनुभव है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, तावड़े अपने व्यावहारिक दृष्टिकोण और सामुदायिक जुड़ाव के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने प्रशासनिक दक्षता और स्थानीय लोगों से सीधे संवाद को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाया है।

मुंबई नगर निगम देश का सबसे समृद्ध नगर निकाय माना जाता है। ऐसे में इस चुनाव परिणाम को महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा के लिए यह जीत न सिर्फ राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि मुंबई की सत्ता संरचना में एक नए अध्याय की शुरुआत भी मानी जा रही है।

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