HMPV वायरस: इस वायरस से न घबराएं, जानें लक्षण, बचाव और डॉक्टर की सलाह
हाल के दिनों में भारत में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के मामलों में वृद्धि हुई है, जिससे लोग चिंतित हैं। हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और डॉक्टरों के मुताबिक, यह वायरस कोविड-19 जितना खतरनाक नहीं है। मुंबई के एचएन रिलायंस हॉस्पिटल के आईसीयू प्रमुख और महाराष्ट्र कोविड टास्क फोर्स के सदस्य, डॉ. राहुल पंडित ने बताया कि HMPV कोई नया वायरस नहीं है, बल्कि यह कोविड-19 से भी पहले का है। HMPV एक सामान्य फ्लू जैसा वायरस है जो सांस से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न करता है। इसे पहली बार 2001 में नीदरलैंड में पहचाना गया था। इसके लक्षण आम सर्दी, खांसी और बुखार जैसे होते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इसकी मृत्युदर बेहद कम है और यह मुख्य रूप से कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों जैसे कैंसर, डायबिटीज और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को प्रभावित करता है। बच्चों में यह वायरस अधिक देखा जा रहा है क्योंकि उनकी इम्यूनिटी अभी पूरी तरह से विकसित नहीं हुई है, जबकि बड़े लोगों में पहले से ही इसके खिलाफ इम्यूनिटी होती है। बच्चों में लक्षण दिखने पर घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सामान्य फ्लू की तरह यह वायरस भी सात दिनों में ठीक हो जाता है।
HMPV से बचाव के उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, HMPV से बचने के लिए वही सावधानियां अपनानी चाहिए जो कोविड-19 के दौरान की जाती थीं:
- खांसते या छींकते समय रुमाल या टिशू का उपयोग करें।
- छींकने या खांसने के बाद हाथ अच्छे से धोएं।
- सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों से बचें।
- यदि लक्षण गंभीर प्रतीत हों तो डॉक्टर से सलाह लें।
डॉक्टर की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि HMPV को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। यह घातक नहीं है और इसका इलाज सामान्य फ्लू की तरह किया जा सकता है। बिना किसी गंभीर कारण के टेस्ट या अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है।