RBI MPC मीटिंग: रेपो रेट जस का तस, गवर्नर संजय मल्होत्रा बोले- अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत, 7 बड़ी घोषणाएं दी राहत l
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को घोषणा की कि मौद्रिक नीति का रुख तटस्थ (Neutral) रखा जाएगा। इसका अर्थ है कि केंद्रीय बैंक यानी RBI मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए ब्याज दरों में भविष्य में लचीलापन बनाए रखेगा।
गवर्नर ने कहा कि महंगाई के दबाव और वैश्विक बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए यह फैसला किया गया है। हालांकि उन्होंने आम लोगों और उद्योग जगत को राहत देते हुए कई सकारात्मक संकेत भी दिए।
गवर्नर संजय मल्होत्रा की 7 बड़ी बातें
रेपो रेट को यथास्थिति पर बरकरार रखा गया।
मौद्रिक नीति का रुख तटस्थ रखा गया है, जिससे भविष्य में आवश्यकतानुसार दरों में बदलाव की गुंजाइश बनी रहेगी।
महंगाई दर धीरे-धीरे RBI के लक्ष्य स्तर की ओर बढ़ रही है, आने वाले महीनों में स्थिति और सुधरने की उम्मीद।
जीडीपी वृद्धि दर को लेकर भरोसा जताया गया और कहा गया कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है।
ग्रामीण और शहरी मांग दोनों में सुधार के संकेत, त्योहारी सीजन से खपत और बढ़ने की उम्मीद।
बैंकों से अपील की गई कि वे ऋण पर पारदर्शिता और ग्राहकों को सस्ती क्रेडिट सुविधा देने पर ध्यान दें।
डिजिटल भुगतान और फिनटेक सेक्टर में और सुधार के लिए नई पहलें घोषित की जाएंगी।
आरबीआई का यह निर्णय बाजार और आम लोगों के लिए राहतभरा माना जा रहा है, क्योंकि ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं होने से होम लोन और अन्य कर्ज की किस्तों (EMI) पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।