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RSS के कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों पर सख्ती, मंत्री प्रियांक खरगे ने CM सिद्धारमैया को लिखा पत्र, जल्द हो सकती है सस्पेंशन l

RSS के कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों पर सख्ती, मंत्री प्रियांक खरगे ने CM सिद्धारमैया को लिखा पत्र, जल्द हो सकती है सस्पेंशन l

कर्नाटक के ग्रामीण विकास और IT मंत्री प्रियांक खरगे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी संगठन के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की अनुमति न दी जाए। खासतौर पर जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रम शामिल हैं। मंत्री खरगे ने कहा है कि RSS के शताब्दी समारोह में शामिल हुए अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है और दो-तीन दिन में उन्हें निलंबित भी किया जाएगा।

प्रियांक खरगे का आरोप है कि RSS सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, खेल के मैदानों और मंदिरों में अपनी शाखाएं चला रहा है और उनके कार्यक्रमों के जरिए युवाओं के मन में विभाजनकारी विचार भरे जा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि ऐसे सभी कार्यक्रम जिन्हें सरकारी संसाधनों या परिसरों में आयोजित किया जा रहा है, उन पर प्रतिबंध लगाया जाए।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिवों को राज्य में RSS की गतिविधियों की पूरी समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि तमिलनाडु की तरह कर्नाटक में भी सरकारी परिसरों में RSS की गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी।

खरगे के इस कदम से कर्नाटक में राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। भाजपा ने इसे हिंदू विरोधी राजनीति बताया है। वहीं मंत्री प्रियांक खरगे ने धमकियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनसे लगातार फोन पर गालियां और धमकियां दी जा रही हैं।

कर्नाटक सरकार की यह नीति सार्वजनिक संस्थानों में किसी भी राजनीतिक या वैचारिक संगठन की गतिविधियों को नियंत्रित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस फैसले से सरकारी अधिकारियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाएगी और RSS जैसे संगठनों की सरकारी संसाधनों में हिस्सेदारी सीमित हो सकती है।

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