वाराणसी में टेलिकॉम और ब्रॉडकास्टिंग सेवाओं पर जागरूकता अभियान, TRAI के नियमों और साइबर सुरक्षा की दी गई जानकारी
वाराणसी के बड़ागांव विकासखंड में सिटीजन डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के सहयोग से टेलिकॉम और ब्रॉडकास्टिंग सेवाओं में टैरिफ, बिलिंग, उपभोक्ता अधिकार और साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। विशेषज्ञों ने स्पैम कॉल, ऑनलाइन ठगी से बचाव, ‘संचार साथी’ पोर्टल, चक्षु (Chakshu) और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन की जानकारी देते हुए डिजिटल सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया।
वाराणसी | 23 जुलाई 2026: जनपद वाराणसी के विकासखंड बड़ागांव में सिटीजन डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट द्वारा भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI), भारत सरकार के सहयोग से टेलिकॉम और ब्रॉडकास्टिंग में टैरिफ एवं बिलिंग, उपभोक्ता संरक्षण और विकल्प जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा, कॉल ड्रॉप, टेलिकॉम सेवाओं की पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था और उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर साइबर विशेषज्ञ एवं भारतीय मानक ब्यूरो से जुड़े विकास सिंह, प्रो. विनोद (बुंदेलखंड विश्वविद्यालय), शालिनी सिंह (सदस्य, समाज कल्याण बोर्ड) तथा गुलाब जी ने ऑनलाइन ठगी, स्पैम कॉल, अनधिकृत संचार, ब्रॉडकास्टिंग टैरिफ और बिलिंग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने लोगों को संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल और अनजान फाइलों से सतर्क रहने की सलाह दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि TRAI ने केबल और डीटीएच सेवाओं की टैरिफ व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया है, जिसके तहत उपभोक्ता अब अपने टीवी स्क्रीन पर ही विभिन्न चैनलों की कीमतें देख सकते हैं और अपनी पसंद के अनुसार चैनलों का चयन कर सकते हैं।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि TRAI ने स्पैम और अनधिकृत कॉल्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 21 लाख से अधिक मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट किए हैं। साइबर अपराध या संदिग्ध कॉल की शिकायत 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन, 1909 अथवा ‘संचार साथी’ पोर्टल के ‘चक्षु (Chakshu)’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से दर्ज कराई जा सकती है। इससे टेलीकॉम कंपनियों को साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में सहायता मिलती है।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने साइबर सुरक्षा, उपभोक्ता अधिकार और डिजिटल सेवाओं से जुड़े अपने प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया। आयोजकों ने ऐसे जागरूकता अभियानों को डिजिटल रूप से सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।