अडाणी ग्रुप ने किया बड़ा ऐलान, इस बड़ी कंपनी से पूरी तरह बाहर निकलने की योजना
अरबपति व्यवसायी गौतम अडाणी के नेतृत्व वाले अडाणी ग्रुप ने सोमवार को एक बड़ा निर्णय लिया है। ग्रुप ने घोषणा की है कि वह अपने जॉइंट वेंचर अडाणी विल्मर से पूरी तरह से बाहर निकलने जा रहा है। इस प्रक्रिया में, अडाणी ग्रुप अपनी पूरी हिस्सेदारी सिंगापुर की कंपनी विल्मर इंटरनेशनल और ओपन मार्केट में बेच देगा।
डील की अनुमानित कीमत 2 अरब डॉलर से अधिक
अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अपने बयान में कहा कि वह विल्मर इंटरनेशनल को 31.06% हिस्सेदारी बेचेगा, जबकि न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता की शर्तों को पूरा करने के लिए शेष 13% हिस्सेदारी ओपन मार्केट में बेची जाएगी। हालांकि, कंपनी ने हिस्सेदारी की बिक्री का सटीक मूल्य नहीं बताया है, लेकिन डील का कुल मूल्य 2 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। यह डील 31 मार्च, 2025 से पहले पूरी होने की उम्मीद है।
अडाणी विल्मर: एफएमसीजी सेक्टर की बड़ी कंपनी
अडाणी विल्मर देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों में से एक है, जो मुख्य रूप से खाद्य तेल और अन्य खाद्य उत्पादों का उत्पादन और बिक्री करती है। “फॉर्चून” ब्रांड के तहत यह सोयाबीन तेल, सरसों का तेल, सूरजमुखी का तेल, मूंगफली का तेल, बासमती चावल, आटा, बेसन, सत्तू, सोया चंक्स, दाल, मैदा, रवा, सूजी, चीनी और पोहा जैसे उत्पाद बेचती है।
कई अन्य ब्रांड और प्रोडक्ट्स
इसके अलावा, अडाणी विल्मर “किंग्स आधार,” “राग,” “बुलेट,” “अवसर,” और “अल्फा” ब्रांड नामों से खाद्य तेल बेचती है। साथ ही, यह “अलाइफ” ब्रांड के तहत साबुन और हैंडवॉश तथा “ओजेल” ब्रांड के नाम से फ्लोर क्लीनर भी बाजार में उपलब्ध कराती है। वर्तमान में कंपनी का मार्केट कैप लगभग 42,824.41 करोड़ रुपये (लगभग 5 अरब डॉलर) है।इस डील के साथ, अडाणी एंटरप्राइजेज पूरी तरह से अडाणी विल्मर से बाहर हो जाएगी