अडानी पावर और भूटान की ड्रुक ग्रीन पावर में बड़ा समझौता, हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से मिलेगा स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा l
ऊर्जा क्षेत्र में भारत-भूटान साझेदारी को नया आयाम देते हुए अडानी पावर लिमिटेड और भूटान की सरकारी कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (DGPC) के बीच एक समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत दोनों कंपनियां मिलकर भूटान में हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट विकसित करेंगी।
सूत्रों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट भूटान की नदियों की जलविद्युत क्षमता का उपयोग करेगा और आने वाले वर्षों में न सिर्फ भूटान की घरेलू बिजली जरूरतें पूरी करेगा बल्कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों तक स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति में भी मददगार होगा।
समझौते पर हस्ताक्षर थिम्पू में दोनों कंपनियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुए। अधिकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट के तहत पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय समुदायों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
अडानी पावर की ओर से बताया गया कि इस साझेदारी का मकसद दक्षिण एशिया में सतत ऊर्जा के विकल्पों को मज़बूत करना है। कंपनी ने कहा कि हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगा।
वहीं ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन ने इसे भूटान के लिए आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में “बड़ा मील का पत्थर” बताया। भूटान सरकार पहले से ही जलविद्युत आधारित परियोजनाओं पर जोर देती रही है और यह नया प्रोजेक्ट उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
रिपोर्टों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से पैदा हुई अतिरिक्त ऊर्जा भारत को निर्यात की जाएगी, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक रिश्ते और गहरे होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते के जरिए भारत-भूटान ऊर्जा सहयोग में एक नई दिशा हासिल होगी।