मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

अब बच्चों में समय से पहले डायबिटीज का पता चलेगा, वैज्ञानिकों की नई खोज”

अब बच्चों में समय से पहले डायबिटीज का पता चलेगा, वैज्ञानिकों की नई खोज”

किंग्स कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने बच्चों में डायबिटीज की पहचान के लिए एक नई तकनीक विकसित की है, जो लिपिड टेस्ट के माध्यम से भविष्य में होने वाली डायबिटीज, मोटापा और अन्य बीमारियों का पहले से पता लगाने में मदद करेगी। इस शोध को नेचर मेडिसिन ने प्रकाशित किया है। लिपिड टेस्ट के तहत ब्लड सैंपल में पाए जाने वाले कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स जैसे फैट की पहचान की जाती है, जो शरीर में मौजूद महत्वपूर्ण लिपिड होते हैं। अभी तक लिपिड प्रोफाइल टेस्ट से केवल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स की जांच होती थी, लेकिन इस नई रिसर्च के बाद लिपिड टेस्ट के जरिए डायबिटीज जैसी बीमारियों का भी पता लगाया जा सकता है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह परीक्षण अस्पतालों में पहले से इस्तेमाल होने वाली रक्त प्लाज्मा परीक्षण मशीनों का उपयोग कर सकता है, जिससे चिकित्सा पेशेवर बच्चों में डायबिटीज और अन्य बीमारियों के लक्षणों की पहचान जल्दी कर सकते हैं। इससे समय रहते बीमारी का इलाज शुरू किया जा सकेगा। इस शोध को बच्चों पर आधारित किया गया है, और इसमें यह पाया गया कि लिपिड टेस्ट के जरिए डायबिटीज और लिवर की बीमारियों का समय से पता लगाया जा सकता है।

इस अध्ययन में 1,300 मोटापे से ग्रस्त बच्चों का परीक्षण किया गया। शोधकर्ताओं ने मास स्पेक्ट्रोमेट्री तकनीक का उपयोग कर के इन बच्चों के लिपिड प्रोफाइल की जांच की। परिणाम में पाया गया कि कुछ बच्चों में बीएमआई में मामूली सुधार होने के बावजूद, डायबिटीज, इंसुलिन प्रतिरोध और रक्तचाप से संबंधित लिपिड की संख्या में कमी आई। इन बच्चों के लिपिड प्रोफाइल में ऐसा पैटर्न था जो भविष्य में डायबिटीज का कारण बन सकता था।

किंग्स कॉलेज लंदन की सिस्टम मेडिसिन समूह की प्रमुख, डॉ. क्रिस्टीना लेगिडो-क्विगली ने कहा कि दशकों तक लिपिड परीक्षण के पुराने तरीकों का उपयोग किया गया, जो केवल अच्छे और बुरे कोलेस्ट्रॉल की पहचान करते थे। अब इस नई तकनीक से न केवल कोलेस्ट्रॉल बल्कि अन्य महत्वपूर्ण लिपिड की भी पहचान की जा सकती है, जो डायबिटीज जैसे रोगों के बारे में पहले ही चेतावनी देने में मदद करेगा। यह शोध फिलहाल 1,300 बच्चों पर आधारित है, जिसमें मास स्पेक्ट्रोमेट्री तकनीक का उपयोग किया गया है।

Share This
अगला लेख → कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी ग़लतफहमियां, जो आपके स्वास्थ्य को प्रभा…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 76,920 +84 (+0.11%)
निफ्टी 24,009 +13 (+0.05%)
मौसम
26°C
Light rain shower
💧 86% 💨 8 km/h
Dehradun