मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

उज्जैन बैठक में किन्नर अखाड़े का ऐलान, जूना अखाड़े के साथ शाही स्नान की तैयारी

उज्जैन बैठक में किन्नर अखाड़े का ऐलान, जूना अखाड़े के साथ शाही स्नान की तैयारी

धार्मिक नगरी उज्जैन में इन दिनों किन्नर अखाड़े की ओर से सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में देश-विदेश से किन्नर समुदाय के साधु-संत शामिल हुए हैं। बैठक के दौरान नए महामंडलेश्वर और श्री महंत बनाए जाने के साथ-साथ अलग-अलग स्थानों पर होने वाले कुंभ की जिम्मेदारियां भी संतों को सौंपी जा रही हैं।

बैठक के दौरान किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि आगामी सिंहस्थ 2028 में किन्नर अखाड़ा अब अकेले शाही स्नान नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि किन्नर अखाड़ा इस बार जूना अखाड़ा के साथ मिलकर स्नान करेगा। उनके अनुसार साल 2019 में ही जूना अखाड़े के साथ एक समझौता किया गया था, जिसके तहत अब जहां जूना अखाड़ा स्नान करेगा, वहीं किन्नर अखाड़ा भी उसी घाट पर स्नान करेगा।

लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बताया कि किन्नर अखाड़ा लगातार विस्तार कर रहा है और इसमें महामंडलेश्वर और श्री महंतों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि उज्जैन में आयोजित इस बैठक में तमिलनाडु, कन्याकुमारी, उड़ीसा, महाराष्ट्र और गुजरात के साथ-साथ बैंकॉक, थाईलैंड और अमेरिका से भी किन्नर समुदाय के सदस्य शामिल होने पहुंचे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी बड़े अखाड़ों के पास अपनी जमीन और आश्रम हैं, लेकिन किन्नर अखाड़ा अभी भी ऐसा अखाड़ा है जिसके पास न तो अपनी जमीन है और न ही कोई स्थायी आश्रम। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने कहा कि जल्द ही वे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करेंगे और अन्य अखाड़ों की तरह किन्नर अखाड़े के लिए भी आश्रम बनाने हेतु जमीन उपलब्ध कराने की मांग करेंगे।

बैठक के दौरान धार्मिक वातावरण देखने को मिला, जहां संतों ने भगवान की आराधना के लिए नृत्य भी किया। महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बताया कि किन्नर स्वयं को अर्धनारीश्वर का स्वरूप मानते हैं, इसलिए वे नृत्य के माध्यम से भगवान की भक्ति और आराधना करते हैं। इसी परंपरा के तहत बैठक के दौरान किन्नर संतों ने भक्ति नृत्य की प्रस्तुति भी दी।

Share This
अगला लेख → बरसात में जलभराव से मिलेगी राहत, रेखा गुप्ता ने शुरू की नई ड…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 76,766 -70 (-0.09%)
निफ्टी 23,985 -11 (-0.05%)
मौसम
22°C
Light rain shower
💧 94% 💨 4 km/h
Dehradun