के.जी.एम.यू को बनाया गया स्टेट मेंटर यूपी में देगा नई लैब को सहमति
लखनऊ – प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने तमाम तरह की व्यवस्थाएं फरवरी के पहले हफ्ते से शुरू कर दी थीं, जिसमें केजीएमयू में कोरोना वायररस जांच लैब की शुरुआत हुई थी. इसके बाद प्रदेश भर के सभी सैंपल उत्तर प्रदेश के केजीएमयू में जांच के लिए आ रहे थे. दरअसल प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने से इसके कम्युनिटी में प्रवेश करने का डर सता रहा है.
कोरोना से निपटने के लिए प्रदेश भर में कई जांच लैब जल्दी ही खुलेंगे, इससे स्क्रीनिंग और जांच की सुविधा आसानी से हो जाएगी और समय रहते लोगों के कोरोना वायरस की रिपोर्ट भी मिल सकेगी. इसके लिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित केजीएमयू को स्टेटमेंटर बनाया गया है. अब केजीएमयू किसी नई लैब को मानक के अनुसार कोरोना वायरस की जांच करने के लिए प्रमाणित कर सकेगा.
दिल्ली एम्स को देश का नेशनल मेंटर नामित किया गया है. यूपी का केजीएमयू स्टेट मेंटर घोषित किया गया है, जिसके बाद अब प्रदेश भर में किसी भी जांच लैब की अनुमति के लिए आईसीएमआर के पास नहीं जाना पड़ेगा और केजीएमयू ही नई लैब को मानक के अनुसार जांच करने की अनुमति दे सकेगा. उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस की जांच के लिए कुल 14 सरकारी और एक निजी पैथोलॉजी लैब है, जो प्रदेश भर में कोरोना वायरस के सैंपल की जांच कर रही है. प्रदेश में रोजाना करीब 2 हजार कोरोना वायरस के सैंपलों की जांच की जा रही हैं, जिनमें यह सभी लैब आगे बढ़कर हिस्सा ले रही हैं.