मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
फार्मेसी परीक्षा पर विवाद के बीच CM मान का बड़ा बयान, बोले- पेपर लीक नहीं, नकल की कोशिश हुई थी लोकसभा में पप्पू यादव का NTA पर बड़ा हमला, बोले- पेपर लीक की जड़ तक पहुंचे सरकार, चेयरमैन पर क्यों है इतनी मेहरबानी? भगवंत मान सरकार प्रदेश में स्वास्थ संबंधी समस्याओं को लेकर सजग छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई

कोरोना संकट के बाद वापस नहीं आएंगी कुछ नौकरियां

कोरोना संकट के बाद वापस नहीं आएंगी कुछ नौकरियां

नई दिल्ली – आर्थिक मामलो के जननकारों का मानना है की कोरोना काल से लंबे समय तक गिरावट और अर्थिक सुस्ती बनी रह सकती है बीबीसी ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि अपनी ग्लूमी प्रीडिक्शन्स (उदास भविष्यवाणियों) के लिए डॉक्टर डूम के नाम से चर्चित प्रोफेसर रूबिनी ने कहा कि कुछ ऐसी नौकरियां हैं, जो इस संकट के बाद वापस नहीं आएंगी। उन्होंने ‘अभूतपूर्व मंदी’ को लेकर चेताते हुए कहा, “भले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था कोरोनावायरस के प्रभाव से इस वर्ष ही ठीक हो जाए, लेकिन फिर भी हालत ठीक नहीं रहेंगे।”

अन्य लोगों से पहले ही वर्ष 2008 के वित्तीय संकट को लेकर चेताने वाले रूबिनी ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, “वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान उत्पादन में तेजी से गिरावट आने में लगभग तीन साल लग गए लेकिन इस बार तीन साल या तीन माह नहीं सिर्फ तीन हफ्तों में हर कंपोनेंट का फ्रीफॉल हुआ। रूबिनी ने कहा कि अर्थशास्त्रियों की भाषा में प्रत्येक रिक्वरी ‘यू’ या फिर ‘एल’ के आकार की होगी। उन्होंने इसे ‘ग्रेट डिप्रेशन’ करार दिया। एक यू-आकार की रिक्वरी का मतलब है कि विकास में गिरावट होगी और फिर धीमे या लंबे समय तक नहीं बढ़ने के बाद ही यह उठा पाएगा।

कोरोनावायरस संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर लागू किए गए लॉकडाउन के चलते नौकरियां जाने का असर अमीर एवं गरीब दोनों प्रकार के देशों में देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा, “कम वेतन, कोई लाभ नहीं, पार्ट-टाइम के साथ केवल आंशिक रूप से ही गईं नौकरियां वापस आएंगी। औसत कामकाजी व्यक्ति के लिए नौकरी, आय व मजदूरी की और भी अधिक असुरक्षा होगी।”

Share This
अगला लेख → दोनों हाथ और एक पैर गवांने के बाद भी 'शुभम' ने किया कमाल

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 77,655 +889 (+1.16%)
निफ्टी 24,250 +265 (+1.1%)
मौसम
23°C
Clear
💧 90% 💨 5 km/h
Dehradun