क्या आप जनरल कैटेगरी से हैं? जानें NEET में सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए कितने अंक लाने होंगे
इस सपने को साकार करने के लिए छात्रों को NEET UG (नीट अंडरग्रेजुएट) परीक्षा देनी होती है। यही परीक्षा एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीयूएमएस जैसे मेडिकल कोर्सों में दाख़िले का रास्ता खोलती है। नीट देश की सबसे चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, क्योंकि इसमें प्रतियोगिता बहुत अधिक होती है।
कितने मेडिकल कॉलेज हैं भारत में?
देशभर में कुल 766 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें से 423 सरकारी और 343 निजी कॉलेज हैं। इन कॉलेजों में कुल 1,17,975 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं। इन सीटों के लिए हर साल करीब 10 से 15 लाख छात्र परीक्षा देते हैं, जिससे नीट परीक्षा को पास करना और सीट पाना बेहद कठिन हो जाता है।
जनरल कैटेगरी वालों को कितने नंबर लाने होते हैं?
नीट परीक्षा कुल 720 अंकों की होती है। अगर किसी छात्र को सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट चाहिए और वह जनरल कैटेगरी से है, तो उसे लगभग 650 या उससे ज्यादा अंक लाने होंगे।
वहीं,
- ओबीसी कैटेगरी के लिए करीब 610 अंक,
- और एससी/एसटी कैटेगरी के उम्मीदवारों को लगभग 560 अंक लाने की जरूरत होती है।
कहां हैं सबसे ज़्यादा MBBS सीटें?
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अनुसार:
- सबसे ज़्यादा MBBS सीटें कर्नाटक (12,545) में हैं।
- दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश (12,415) है।
- फिर तमिलनाडु (12,050) और महाराष्ट्र (11,846) आते हैं।
- तेलंगाना (9,040) सीटों के साथ पांचवें स्थान पर है।
सबसे ज़्यादा मेडिकल कॉलेज किस राज्य में?
- उत्तर प्रदेश में सबसे ज़्यादा – 86 मेडिकल कॉलेज हैं।
- इसके बाद महाराष्ट्र (80),
- तमिलनाडु (77),
- कर्नाटक (76),
- और तेलंगाना (65) कॉलेजों के साथ आगे हैं।
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