गर्मी की बढ़ती तपिश सेहत पर भारी, स्वामी रामदेव ने बताए बचाव के उपाय
क्या परिंदे उड़ने के साथ-साथ तैर भी पाते? क्या पेड़-पौधे अपनी हरियाली बरकरार रख पाते? क्या खेतों में फसलें लहलहातीं? और सबसे अहम सवाल – क्या हम ज़िंदा रह पाते? इंसान हो या कोई भी जीव, पानी के बिना जीवन संभव नहीं। हमारे शरीर की हर क्रिया, हर अंग का कामकाज पानी पर निर्भर करता है।
इंसानी शरीर और पानी का गहरा नाता
हमारा शरीर लगभग 37 ट्रिलियन कोशिकाओं से मिलकर बना है, जिसमें 60% से 70% तक पानी होता है। यानी शरीर का बड़ा हिस्सा पानी से भरा है। यही कारण है कि पानी की शुद्धता या मात्रा में कमी सीधे बीमारियों को जन्म देती है।
पानी की जरूरत क्यों ज्यादा है?
भोजन से ज्यादा, शरीर को पानी की ज़रूरत होती है। पाचन से लेकर ऊर्जा उत्पादन तक, हर कार्य के लिए पानी जरूरी है। शरीर को डिटॉक्स करना हो या ब्लड सर्कुलेशन को दुरुस्त रखना हो, बिना पानी के कुछ भी संभव नहीं।
- शरीर में 1% पानी की कमी से प्यास लगने लगती है।
- 5% पानी कम होने पर थकान महसूस होती है।
- 10% पानी की कमी से धुंधला दिखने लगता है।
- 20% तक पानी की कमी होने पर जान जाने का खतरा रहता है।
अगर आपको सिरदर्द, कब्ज़, मांसपेशियों में दर्द, ऐंठन या लगातार थकान महसूस हो रही हो, तो सबसे पहले अपने पानी पीने की आदतों पर ध्यान दें। गर्मी के मौसम में यह और भी जरूरी हो जाता है, क्योंकि शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो सकता है। डिहाइड्रेशन से स्ट्रोक, किडनी इंफेक्शन और मेटाबॉलिज्म की गड़बड़ियों का खतरा बढ़ जाता है।
शरीर में पानी का प्रतिशत (अंगों के अनुसार)
- मस्तिष्क – 75%
- हृदय – 79%
- यकृत (लिवर) – 86%
- त्वचा – 64%
- हड्डियां – 22%
- मांसपेशियां – 75%
- रक्त – 83%
- फेफड़े – 80%
- गुर्दे (किडनी) – 83%
- जोड़ (जॉइंट्स) – 83%
पानी की कमी से होने वाली बीमारियां
- मोटापा
- हाई ब्लड प्रेशर
- डायबिटीज
- किडनी और लिवर की समस्याएं
- प्रोस्टेट संबंधी रोग
- न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर
शरीर में पानी की कमी कैसे पूरी करें?
- रोज़ 8-10 गिलास पानी पिएं।
- नींबू पानी और शिकंजी पिएं।
- नारियल पानी का सेवन करें।
- तरबूज और खरबूज खाएं।
- संतरा, मौसंबी जैसे रसदार फल खाएं।
- दही और छाछ को अपनी डाइट में शामिल करें।
शरीर के लिए पानी क्यों ज़रूरी?
- शरीर का 70% हिस्सा पानी से बना होता है।
- यह मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखता है।
- रोज़ 3-4 लीटर पानी पीने से शरीर स्वस्थ रहता है।
- अशुद्ध पानी बीमारियों को न्योता देता है।
- पानी के बिना जीवन की कल्पना असंभव है।
कैसे पिएं पानी?
- सुबह उठकर एक गिलास पानी से दिन की शुरुआत करें।
- प्यास लगते ही पानी पिएं, ज़रूरत से ज्यादा नहीं।
- एक साथ बहुत ज्यादा पानी न पिएं, घूंट-घूंट में पिएं।
- बैठकर ही पानी पीने की आदत डालें।
- पानी की मात्रा मौसम और शरीर की ज़रूरत पर निर्भर करती है।
- शारीरिक मेहनत ज्यादा हो तो पानी की मात्रा बढ़ाएं।
शुद्ध पानी = स्वस्थ शरीर
- हमेशा साफ और सादा पानी पिएं।
- ठंडा पानी पीने से बचें।
- बच्चों की पानी की जरूरत का खास ध्यान रखें।
पानी को कैसे स्टोर करें?
- मिट्टी के घड़े का पानी सबसे अच्छा होता है।
- स्टील या तांबे के बर्तन में पानी रखें।
- प्लास्टिक की बोतलों में पानी स्टोर करने से बचें।
- पानी के बर्तनों को रोज़ साफ करें।
- 24 घंटे के भीतर पीने का पानी बदलें।
दिन की शुरुआत पानी से करें
- सुबह खाली पेट 1-2 गिलास पानी पिएं।
- गुनगुना पानी पीना अधिक फायदेमंद होता है।
- नींबू और शहद मिलाकर पीने से शरीर डिटॉक्स होता है।
खाने के साथ पानी पीने के नियम
- भोजन के दौरान सिर्फ 1-2 घूंट पानी लें।
- खाने के 45 मिनट बाद पानी पीना सबसे बेहतर होता है।
पानी हमारे शरीर और जीवन के लिए सबसे अहम तत्वों में से एक है। पर्याप्त पानी पीने की आदत डालकर हम न सिर्फ बीमारियों से बच सकते हैं, बल्कि अपने शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान भी रख सकते हैं। इसलिए सही तरीके से और सही मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है।