गुरुवार को श्रीनगर एयरपोर्ट से कुल 110 फ्लाइट्स चलीं, साथ ही टिकट की कीमतें भी कम हुई हैं
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में फंसे सैलानियों को सुरक्षित निकालने के लिए गुरुवार को 110 उड़ानों का संचालन किया गया, जिनमें से आठ अतिरिक्त उड़ानें चलाई गईं। इन उड़ानों के ज़रिए 14,000 से अधिक लोगों ने यात्रा की। नागर विमानन मंत्रालय ने जानकारी दी कि बीते दो दिनों में श्रीनगर आने-जाने वाली उड़ानों के किराए में भी काफी कमी आई है। हमले के बाद अचानक बढ़े किराए को लेकर लोगों में चिंता देखी गई थी।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि एयरलाइंस कनेक्टिंग फ्लाइट्स के लिए ऐसी मूल्य प्रणाली का इस्तेमाल करती हैं, जिसमें हर चरण का किराया जोड़ दिया जाता है। इसी कारण कई बार इकोनॉमी और बिजनेस क्लास के टिकट की कीमत लगभग एक जैसी हो जाती है।
गौर करने वाली बात यह है कि मंगलवार को पहलगाम में हुए इस आतंकी हमले में कम से कम 26 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इस घटना के बाद घाटी से बड़ी संख्या में पर्यटकों का पलायन शुरू हो गया। स्थिति को देखते हुए एयरलाइन कंपनियों ने अतिरिक्त उड़ानें चलाईं और नागर विमानन मंत्रालय टिकटों के दामों पर लगातार निगरानी बनाए हुए है, ताकि किराए में अनावश्यक वृद्धि न हो।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक श्रीनगर एयरपोर्ट पर 57 फ्लाइट्स उतरीं और 53 रवाना हुईं, जिनमें कुल 14,197 यात्रियों ने सफर किया। मंत्रालय ने यह भी बताया कि एयरलाइंस ने टिकट कैंसिलेशन और री-शेड्यूलिंग शुल्क माफ कर दिया है और श्रीनगर के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ा दी गई है।
एक सार्वजनिक सूचना में मंत्रालय ने बताया कि श्रीनगर से फ्लाइट के किराए में बीते दो दिनों में अच्छी-खासी गिरावट आई है। उदाहरण के तौर पर, 21 अप्रैल 2025 को श्रीनगर से दिल्ली की फ्लाइट का किराया जहां 20,000 रुपये से ऊपर था, वहीं 24 अप्रैल तक यह घटकर 10,000 रुपये से नीचे आ गया, जिससे टिकट अब पहले की तुलना में ज्यादा सस्ते हो गए हैं।