गैस और एसिडिटी जैसी पेट की समस्याओं से परेशान हैं? तो आयुर्वेदिक उपचार से पाचन में सुधार लाएं
अच्छी सेहत और खुशी, ये दो सबसे बड़ी इच्छाएं हैं। इनको हासिल करने के लिए शारीरिक फिटनेस और मानसिक खुशी बेहद महत्वपूर्ण हैं। लेकिन इनका राज क्या है? आइए जानते हैं। क्या आपको ‘लेक्टोज इनटॉलरेंस’ है, यानी दूध से एलर्जी? अगर हां, तो यह हेल्थ फॉर्मूला आपके लिए है। आप बादाम का दूध आजमा सकते हैं। इसे बनाने के लिए 15 बादाम रातभर पानी में भिगोकर रखें। फिर इसमें पानी डालकर ब्लेंड कर लें, और अंत में थोड़ी सी केसर, हल्दी और काली मिर्च मिला लें।
हल्दी और काली मिर्च का क्यों इस्तेमाल करें? हल्दी में करक्यूमिन नामक एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है। जब इसमें काली मिर्च मिलाई जाती है, तो करक्यूमिन की बायोअवेलिबिलिटी 2000 गुना बढ़ जाती है। इसलिए, हल्दी के साथ काली मिर्च का सेवन करने से यह आपकी इम्यूनिटी को बहुत बढ़ाता है। अगर आप बादाम के दूध में हल्दी डालते हैं, तो काली मिर्च जरूर डालें। यह एक बेहतरीन इम्यूनिटी बूस्टर साबित होगा।
दूसरे, बादाम का दूध खास है क्योंकि स्टडी के अनुसार, भारत में 60% लोग ऐसे हैं जिन्हें दूध पचाने में परेशानी होती है। कुछ लोग दूध की बड़ी मात्रा नहीं पचा पाते, जबकि कुछ को थोड़ा सा दूध पीने के बाद भी पेट में समस्या हो जाती है। दरअसल, शरीर में लैक्टेज नामक एंजाइम्स होते हैं, जो लैक्टोज को पचाने का काम करते हैं। बच्चों के शरीर में यह एंजाइम्स ज्यादा होते हैं, जिससे वे आसानी से दूध पचा लेते हैं। लेकिन अब बच्चों को भी दूध के कारण पाचन संबंधी समस्याएं हो रही हैं, जैसे कब्ज, दस्त, और डायरिया। इसका मतलब यह है कि हाजमे को बेहतर करने की जरूरत है ताकि ‘लेक्टोज इनटॉलरेंस’ गंभीर बीमारियों का कारण न बने।
दूध में लैक्टोज का स्तर:
- मां का दूध: 7%
- गाय-भैंस का दूध: 5%
- बकरी का दूध: 4%
दूध के स्थान पर क्या पिएं?
- सोया मिल्क – बीपी और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल
- नारियल का दूध – वजन कम करने में मदद
- बादाम का दूध – मजबूत इम्यूनिटी
- मटर का दूध – प्रोटीन से भरपूर
- काजू का दूध – आंखों और दिल के लिए अच्छा
- ओट्स मिल्क – आंखों और त्वचा के लिए फायदेमंद
लैक्टोज इनटॉलरेंस के लक्षण:
- डायरिया
- पेट फूलना
- जी मचलाना
- उल्टी
- पेट में मरोड़
- गैस
- पाचन संबंधी समस्याएं
- कब्ज
- अल्सर
- एसिडिटी
- कोलाइटिस
- लूज मोशन
पेट को ठीक रखें, सेहत को परफेक्ट बनाएं:
- सुबह उठकर गुनगुना पानी पिएं
- 1-2 लीटर पानी एक बार में पिएं
- पानी में सेंधा नमक और नींबू डालकर पिएं
- पानी पीने के बाद 5 मिनट स्ट्रेचिंग करें
कब्ज से राहत के लिए:
- पपीता
- सेब
- अनार
- नाशपाती
पेट को सेट करें, पिएं पंचामृत:
- गाजर
- चुकंदर
- आंवला
- पालक
- टमाटर इनका जूस मिलाकर पिएं।
आंतों को मजबूत बनाएं, गुलकंद का सेवन करें:
- गुलाब के पत्ते
- सौंफ
- इलायची
- शहद इन सबको मिलाकर पेस्ट बनाएं और रोज 1 चम्मच खाएं।
कब्ज की छुट्टी पाएं:
- सौंफ और मिश्री चबाएं
- जीरा, धनिया, सौंफ का पानी पिएं
- खाना खाने के बाद भुनी हुई अदरक खाएं
गैस से छुटकारा पाएं:
- अंकुरित मेथी खाएं
- मेथी का पानी पिएं
- अनार खाएं
- त्रिफला चूर्ण लें
- खाना अच्छे से चबाकर खाएं
पाचन को सुधारें, पिएं पंचामृत:
- जीरा
- धनिया
- सौंफ
- मेथी
- अजवाइन इन सभी का एक-एक चम्मच लें, मिट्टी या कांच के ग्लास में डालकर रातभर पानी में भिगोएं और सुबह खाली पेट पिएं। इसे लगातार 11 दिन तक पिएं।