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चंद्रबाबू नायडू बोले , जो विद्यार्थी अपनी मातृभाषा में शिक्षा ग्रहण करते हैं, वे विश्वभर में सफलता प्राप्त कर रहे हैं

चंद्रबाबू नायडू बोले , जो विद्यार्थी अपनी मातृभाषा में शिक्षा ग्रहण करते हैं, वे विश्वभर में सफलता प्राप्त कर रहे हैं

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को कहा कि मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने वाले लोग वैश्विक स्तर पर सफल हो रहे हैं। उन्होंने इस धारणा को गलत बताया कि ज्ञान केवल अंग्रेजी भाषा के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है।

विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, “भाषा केवल संचार का माध्यम है, ज्ञान का स्रोत नहीं। जो लोग अपनी मातृभाषा में शिक्षा लेते हैं, वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त कर रहे हैं। मातृभाषा में पढ़ाई करना सहज और प्रभावी होता है।”

केंद्र-तमिलनाडु भाषा विवाद पर प्रतिक्रिया

नायडू की यह टिप्पणी उपमुख्यमंत्री और जनसेना प्रमुख पवन कल्याण द्वारा तमिलनाडु सरकार और केंद्र सरकार के बीच जारी भाषा विवाद पर दिए गए बयान के बाद आई। इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, “भाषा नफरत फैलाने का माध्यम नहीं होनी चाहिए। आंध्र प्रदेश में हमारी मातृभाषा तेलुगु है। हिंदी ‘राष्ट्रीय भाषा’ है, जबकि अंग्रेजी एक अंतरराष्ट्रीय भाषा है।”

अधिक भाषाएं सीखने की आवश्यकता

मुख्यमंत्री नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि मातृभाषा को प्राथमिकता देते हुए अन्य भाषाओं को सीखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिंदी जैसी राष्ट्रीय भाषा सीखने से दिल्ली समेत अन्य हिंदी-भाषी राज्यों में संवाद आसान हो जाता है। साथ ही, उन्होंने अपील की कि “भाषाओं को लेकर अनावश्यक राजनीति करने की जरूरत नहीं है, बल्कि अधिक से अधिक भाषाएं सीखने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।”

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