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छठ की पूजा-भोज के बीच दरभंगा में हुई गोलीकांड: युवक संतोष यादव की हत्या से इलाके में फैली सनसनी l

छठ की पूजा-भोज के बीच दरभंगा में हुई गोलीकांड: युवक संतोष यादव की हत्या से इलाके में फैली सनसनी l

दरभंगा — छठ पूजा की रात जिले के एक शांत-मंदिर माहौल में अचानक एक जानलेवा घटना ने ताज़ा खौफ फैला दिया। स्थानीय पुलिस सूत्रों के अनुसार, भोज के दौरान विवाद के बीच बीच-बचाव कर रहे २५-३० वर्षीय युवक संतोष यादव को नशे में धुत कुछ युवकों ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना उस समय घटी जब संतोष यादव अपने गाँव के भोज-समारोह में शामिल थे और अचानक हो रही कहासुनी के दौरान वे हस्तक्षेप करने गए। बताया जा रहा है कि आरोपित युवकों ने उन्हें चेतावनी देने के बजाय तुरंत गोली चला दी। घटना के बाद पूरा इलाका भयभीत हो गया और समाचार मिलते ही स्थानीय थाने में देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।

घटना के बाद दरभंगा पुलिस ने तुरंत बल तैनात किया और शव का पोस्टमॉर्टम कराने के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। एसएचओ ने बताया कि मृतक के मोबाइल कॉल्स, घटना के समय मौजूद व्यक्तियों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज जुटाए जा रहे हैं।
प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि विवाद भोज-समारोह से जुड़ा हुआ था और आरोपित युवक पहले से नशे की हालत में थे। पुलिस ने घटना स्थल को सील करने के साथ-साथ तीन-चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे घटना के पीछे की साजिश और मकसद पूछताछ की जा रही है।

यह घटना इस बात का दर्दनाक उदाहरण है कि त्योहार की खुशी, पूजा-आराधना और भोज का माहौल भी कब खून से सना मंजर बन सकता है। छठ पूजा जैसे पवित्र अवसर पर हुई इस तरह की हिंसा ने स्थानीय समाज को झकझोर दिया है।
परिवार और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। संतोष यादव के परिजन का कहना है कि वे किसी भी तरह के विवाद में नहीं उलझना चाहते थे, बस बीच-बचाव कर रहे थे। अब वे न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने और मामले में निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया है।

पुलिस के समक्ष अब बड़ी चुनौती है कि वे आरोपितों को जल्दी पकड़ें, नशे के असर की जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि घटना में शामिल सभी आरोपित कानून के दायरे में आएँ।

सामाजिक-सामुदायिक स्तर पर यह जरूरी हो गया है कि समारोह-भोज-पार्श्व में मौजूद विवादों को समय रहते शांत किया जाए ताकि इस तरह के हिंसक परिणाम न हों।

प्रशासन और स्थानीय पूजा आयोजन समन्वय समितियों को भी बेहतर व्यवस्था एवं निगरानी करनी होगी, विशेष रूप से पूजा-भोज के समय सुरक्षा, शराब-निरोध व विवाद-प्रबंधन की दृष्टि से।

छठ पूजा की पवित्रता और भक्तों की श्रद्धा के बीच हुई इस हिंसक वारदात ने हमें याद दिलाया है कि कि किसी भी समय-स्थान पर अनुशासन, संयम और जिम्मेदारी का होना कितना महत्वपूर्ण है। दरभंगा में संतोष यादव की जान जाने वाली यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं बल्कि सामाजिक चेतना का प्रश्न भी बन गई है। न्याय की राह अब विधि-व्यवस्था और समाज दोनों के लिए एक परीक्षा-मय मोड़ है—जहाँ दोषियों को सजा मिले और भविष्य में ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति न हो पाए।

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