ज्यादा विटामिन और प्रोटीन लेना पड़ सकता है भारी, किडनी हो सकती है फेल
आज के समय में शुद्ध भोजन मिलना मुश्किल होता जा रहा है। मिलावटी चीज़ों और पोषण की कमी के कारण लोग विटामिन और प्रोटीन जैसे सप्लीमेंट्स की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। ये सप्लीमेंट्स कुछ समय के लिए शरीर में ऊर्जा और ताकत ज़रूर बढ़ाते हैं, लेकिन इन्हें लापरवाही से या अधिक मात्रा में लेना आपकी किडनी और आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।
चलिए जानते हैं कौन-कौन से सप्लीमेंट्स हैं जो दिखने में फायदेमंद लगते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं:
विटामिन C सप्लीमेंट – ज़रूरत से ज़्यादा हानिकारक
विटामिन C शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है, लेकिन 2000 मिलीग्राम से अधिक की खुराक लेने पर शरीर में ऑक्सालेट बनने लगता है, जिससे किडनी स्टोन और अन्य किडनी समस्याएं हो सकती हैं। पुरुषों में इसका जोखिम दोगुना होता है।
विटामिन D सप्लीमेंट – हड्डियों के लिए जरूरी, पर किडनी के लिए खतरनाक
हड्डियों को मजबूत करने वाला विटामिन D, यदि बिना मेडिकल गाइडेंस के लिया जाए, तो यह किडनी पर दबाव डाल सकता है और उसके कार्य को प्रभावित कर सकता है। हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही इसका सेवन करें।
क्रिएटिन – बॉडी बनाने के चक्कर में बिगड़ सकती है सेहत
जिम करने वाले युवा क्रिएटिन को मसल्स ग्रोथ के लिए लेते हैं। पर ज्यादा मात्रा में या लंबे समय तक इसका सेवन किडनी को कमजोर कर सकता है, खासकर जब शरीर पहले से किसी बीमारी से जूझ रहा हो।
हर्बल सप्लीमेंट – नेचुरल के नाम पर धोखा
कई लोग सोचते हैं कि हर्बल सप्लीमेंट्स सुरक्षित होते हैं क्योंकि वे प्राकृतिक होते हैं। लेकिन कुछ हर्बल सप्लीमेंट, जैसे वजन कम करने वाले उत्पाद, लंबे समय में किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नेशनल किडनी फाउंडेशन भी ऐसे उत्पादों से सतर्क रहने की सलाह देता है।
प्रोटीन सप्लीमेंट – ज़्यादा प्रोटीन, ज़्यादा दबाव
प्रोटीन ज़रूरी है, लेकिन जब यह सप्लीमेंट के रूप में ज़रूरत से ज्यादा लिया जाता है, तो शरीर की किडनी को उसे बाहर निकालने में ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे किडनी पर स्ट्रेस बढ़ता है और कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
किडनी को कैसे रखें सुरक्षित?
- किसी भी सप्लीमेंट को लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
- रोज़ाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- प्रोसेस्ड और ज्यादा नमक वाले फूड्स से बचें।
- प्राकृतिक स्रोतों से पोषण लेने की कोशिश करें।
- आहार में शामिल करें: सेब, जामुन, ब्रोकली, अनार, चेरी, पत्तेदार सब्जियां और नट्स।
- ब्लड प्रेशर और शुगर को कंट्रोल में रखें।
सप्लीमेंट्स तभी लाभकारी होते हैं जब उनकी ज़रूरत हो और सेवन सही तरीके से हो। आंख मूंदकर इन्हें लेना आपके शरीर, खासकर किडनी के लिए जोखिम भरा हो सकता है। बेहतर यही होगा कि संतुलित डाइट और नेचुरल फूड्स को प्राथमिकता दें।