टाटा कैपिटल IPO का बाजार में फ्लैट डेब्यू, शेयर प्राइस 1% प्रीमियम पर खुला; 15,500 करोड़ रुपए जुटाने में मिली सफलता l
टाटा ग्रुप की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC), टाटा कैपिटल ने आज अपने आईपीओ के बाद शेयर बाजार में फ्लैट डेब्यू किया। शेयरों की लिस्टिंग ने केवल 1 प्रतिशत के मामूली प्रीमियम के साथ शुरुआत की, और शुरुआती दिन शेयर की कीमत लगभग 330 रुपये प्रति शेयर पर खुली, जो आईपीओ की कीमत 326 रुपये से थोड़ा ऊपर था। इसके बाद शेयर की कीमत में मामूली गिरावट आई, जो बाजार में निवेशकों की प्रतिक्रियाओं में संतुलन का संकेत देती है.
टाटा कैपिटल ने इस आईपीओ के जरिये कुल 15,500 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
आईपीओ 6 अक्टूबर से खुला था और 8 अक्टूबर को बंद हुआ था, इसमें शेयरों की मांग लगभग 1.95 गुना रही।
QIB (क्वालिफाइड इंस्टिट्यूशनल बायर्स) से 3.42 गुना, NII (नॉन-इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर) से लगभग 1.98 गुना, और रिटेल निवेशकों से 1.10 गुना सब्सक्रिप्शन हुआ।
इस आईपीओ में 21 करोड़ नए शेयर जारी किए गए और 26.58 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बेचे गए।
टाटा कैपिटल भारत में NBFC क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी है, जिसने वाहन वित्त जैसे क्षेत्रों में विस्तार किया है। कंपनी ने पिछले दो वर्षों में अपनी आय और लाभ में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की है, जिससे निवेशकों के लिए यह लंबी अवधि में आकर्षक विकल्प बन गई है। हालांकि, बाजार में आईपीओ की शुरुआत सोची-समझी और सतर्क रही क्योंकि निवेशक वर्तमान आर्थिक माहौल में सतर्कता बरत रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि टाटा कैपिटल के पास भारत के बढ़ते वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में अच्छा अवसर है। हालांकि, कुछ जोखिम जैसे कर्ज की गुणवत्ता, क्रेडिट रेटिंग में उतार-चढ़ाव, और साइबर सुरक्षा चुनौती बने हुए हैं। निवेशकों के लिए दीर्घकालीन नजरिए से यह निवेश अवसर समझा जा रहा है, लेकिन बाजार की अनिश्चितता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
टाटा कैपिटल ने आईपीओ के जरिये वांछित पूंजी जुटा ली है, लेकिन शेयर की बाजार में शुरुआत अपेक्षित उत्साह से कम रही। इससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल सतर्कता बरत रहे हैं, लेकिन कंपनी की दीर्घकालीन कहानी मजबूत रहने के कारण भविष्य में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने की उम्मीद है.