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दरभंगा हवाई अड्डे का नाम बदलने की मांग, राज्यसभा में जेडीयू ने नया नाम प्रस्तावित किया।

दरभंगा हवाई अड्डे का नाम बदलने की मांग, राज्यसभा में जेडीयू ने नया नाम प्रस्तावित किया।

बिहार के दरभंगा में स्थित हवाई अड्डे का नाम बदलने का मुद्दा शुक्रवार को राज्यसभा में चर्चा का विषय बना। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के सांसद संजय झा ने शून्यकाल के दौरान दरभंगा एयरपोर्ट का नाम बदलने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि इस एयरपोर्ट का नाम मध्यकालीन महान मैथिली कवि विद्यापति के नाम पर रखा जाए।

संजय झा ने क्या कहा?

राज्यसभा में बोलते हुए सांसद संजय झा ने कहा कि विद्यापति का भारतीय साहित्य और भक्ति परंपरा में अतुलनीय योगदान रहा है। मिथिला क्षेत्र के लोगों के लिए वे श्रद्धा और सम्मान के प्रतीक हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि कवि कोकिल विद्यापति की स्मृति को चिरस्थायी बनाते हुए दरभंगा एयरपोर्ट का नाम उनके नाम पर रखा जाए।

राज्यसभा में संजय झा ने जानकारी दी कि मार्च 2021 में बिहार विधानसभा और विधान परिषद में एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें दरभंगा एयरपोर्ट का नाम विद्यापति के नाम पर रखने की अनुशंसा की गई थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए तत्कालीन केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिखा था।

कौन थे कवि विद्यापति?

विद्यापति एक प्रसिद्ध मैथिली और संस्कृत कवि, संगीतकार, लेखक, दरबारी विद्वान और राज पुरोहित थे। उनका जन्म 1352 ईस्वी में बिहार के मधुबनी जिले के बिस्फी गांव में हुआ था। उन्होंने शृंगार और भक्ति परंपरा से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण साहित्यिक ग्रंथों की रचना की। उनकी रचनाएं आज भी मिथिलांचल के लोकगीतों में जीवंत रूप में सुनी जा सकती हैं। अपनी अद्वितीय काव्य शैली के कारण उन्हें ‘मैथिल कवि कोकिल’ के नाम से जाना जाता है।

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