दिल्ली विश्वविद्यालय अगले साल से एक वर्षीय पीजी कोर्स की करेगा शुरुआत , शिक्षकों का विरोध जारी
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जल्द ही एक वर्षीय पोस्टग्रेजुएट (पीजी) कोर्स शुरू करने की योजना बनाई है। इस संबंध में डीयू कई बैठकें आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, इस मुद्दे पर चर्चा के बाद कुछ शिक्षक इस पहल की आलोचना कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक, डीयू इस कोर्स को 2026 से लागू करने का प्रयास करेगा और इसके लिए अगले हफ्ते एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की जाएगी।
इस साल से लागू करने की योजना पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय 2026 से एक वर्षीय पोस्टग्रेजुएट कोर्स शुरू करने की योजना बना रहा है। इसके लिए जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में प्रस्तावित मसौदे पर 27 दिसंबर को होने वाली अकादमिक परिषद की बैठक में चर्चा की जाएगी। हालांकि, इस योजना में कुछ बदलाव किए गए हैं, लेकिन कुछ शिक्षक इसे जल्दबाजी का कदम मानते हुए आलोचना कर रहे हैं।
4 वर्षीय यूजी कोर्स पहले ही लागू दिल्ली विश्वविद्यालय ने पहले ही अपने परिसर में 4 वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स लागू किया है, जिसका तीसरा सेमेस्टर वर्तमान में चल रहा है। इस व्यवस्था के तहत, पहले साल के बाद जो छात्र कोर्स छोड़ते हैं, उन्हें सर्टिफिकेट दिया जाता है, दूसरे साल के बाद छोड़ने पर डिप्लोमा मिलता है, और तीन साल पूरा करने पर डिग्री प्राप्त होती है। जो छात्र चौथा साल पूरा करते हैं, उन्हें सम्मानजनक डिग्री दी जाती है।
इसके अलावा, तीन साल बाद छात्र दो वर्षीय पीजी कोर्स चुन सकते हैं, जबकि चार साल पूरा करने वाले छात्र एक वर्षीय पीजी कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। अब डीयू इस प्रणाली को लागू करने की दिशा में काम कर रहा है, जिसके तहत एक वर्षीय और दो वर्षीय पीजी प्रोग्राम के लिए अलग-अलग सिलेबस तैयार किए जा रहे हैं।
क्रेडिट सिस्टम के तहत डिग्री एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम में छात्रों को प्रत्येक सेमेस्टर में 22 क्रेडिट प्राप्त होंगे, जो कुल मिलाकर 44 क्रेडिट बनेंगे। वहीं, दो वर्षीय पीजी कोर्स में छात्रों को कुल 88 क्रेडिट प्राप्त होंगे। यूजीसी के मानकों के अनुसार, दो वर्षीय डिग्री के लिए लेवल 6.5 होगा, जबकि एक साल वाली डिग्री लेवल 7 पर होगी।