मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

पंजाब के फाजिल्का में 2 साल बाद पलटा सरपंच चुनाव, हारा उम्मीदवार बना विजेता

पंजाब के फाजिल्का में 2 साल बाद पलटा सरपंच चुनाव, हारा उम्मीदवार बना विजेता

पंजाब के फाजिल्का जिले के डबवाला कलां गांव में सरपंच चुनाव के नतीजे करीब दो साल बाद पूरी तरह बदल गए हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर हुई दोबारा मतगणना में पहले 114 वोटों से हारे उम्मीदवार अविनाश चंद्र अब 77 वोटों से विजयी घोषित किए गए हैं। फैसले के बाद गांव की राजनीति में हलचल मच गई है और उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2024 को हुए सरपंच चुनाव में अविनाश चंद्र को 114 वोटों से पराजित घोषित किया गया था। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं और धांधली के आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि मतगणना के दौरान उन्हें वोटों की सही जानकारी नहीं दी गई और सीधे हार की घोषणा कर दी गई। इसके बाद उन्होंने पहले एसडीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई और मामला आगे चलकर हाईकोर्ट पहुंच गया।

न्यायालय में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए दोबारा मतगणना के आदेश जारी किए। आदेश के तहत गुरुवार को पुनर्गणना करवाई गई, जिसकी अगुवाई एडीसी डी सुभाष चंद्र ने की। रीकाउंटिंग के बाद नतीजे पूरी तरह बदल गए और अविनाश चंद्र को 77 वोटों से विजेता घोषित किया गया।

अविनाश चंद्र ने कहा कि गांव के लोगों ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया था और अब “सच की जीत” हुई है। परिणाम घोषित होते ही उनके समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया और बधाई देने वालों का तांता लग गया।

इस फैसले के बाद डबवाला कलां गांव में चुनावी पारदर्शिता और न्यायिक हस्तक्षेप को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर बदले नतीजों ने यह संदेश भी दिया है कि चुनाव प्रक्रिया में उठे सवालों की कानूनी जांच संभव है और न्याय मिलने में देर हो सकती है, लेकिन अंधेर नहीं।

Share This
अगला लेख → हरियाणा-पंजाब सियासत गरमाई, सैनी बनाम AAP आमने-सामने

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 76,766 -70 (-0.09%)
निफ्टी 23,985 -11 (-0.05%)
मौसम
22°C
Light rain shower
💧 94% 💨 4 km/h
Dehradun