फोन को 100% तक चार्ज करना हैं खतरनाक? जानें कैसे हो सकता है स्मार्टफोन बैटरी को बड़ा नुकसान l
अधिकांश लोग अपने स्मार्टफोन को पूरी रात चार्जिंग पर लगा देते हैं ताकि फोन 100% तक चार्ज हो जाए। लेकिन यह आदत स्मार्टफोन की बैटरी के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि फोन की लीथियम-आयन बैटरी 100% तक लगातार चार्ज रहने से उसमें ज्यादा वोल्टेज स्ट्रेस आता है, जिससे बैटरी की क्षमता और उसकी लाइफ दोनों कम होने लगती है।
लीथियम-आयन बैटरी सबसे अच्छी परफॉर्मेंस तब देती है जब वह 30-80% की चार्जिंग रेंज में रहती है। लेकिन 100% तक चार्ज करने पर बैटरी को लोअर और हायर वोल्टेज के बीच लगातार अस्थिरता झेलनी पड़ती है। इससे बैटरी जल्दी पुरानी हो जाती है और फोन की परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ता है।
फोन को 80% तक ही चार्ज करने की कोशिश करें। कई नए स्मार्टफोन्स में अब यह लिमिट सेट करने का ऑप्शन भी मिल जाता है।
लंबे समय तक चार्जर में फोन को न छोड़ें, खासकर जब वह पूरी चार्ज हो चुका हो।
हमेशा प्रमाणित और सही चार्जर का ही उपयोग करें।
बैटरी को 20% से नीचे आने पर चार्ज करना शुरू करें, 0% तक पहुंचने से बचें।
सैमसंग, एप्पल, और अन्य बड़े ब्रैंड अब ऐसे स्मार्टफोन लाते हैं जिनमें optimized battery charging फीचर होता है। यह फीचर फोन को पूरी तरह चार्ज होने से पहले ही चार्जिंग स्पीड कम कर देता है ताकि बैटरी स्ट्रेस न हो और बैटरी की उम्र बढ़े।
अगर इस सलाह का पालन किया जाए तो आप अपने फोन की बैटरी को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं और बार-बार बैटरी रिप्लेसमेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी।
स्मार्टफोन की बैटरी की सेहत के लिए 100% चार्जिंग से बचना जरूरी है। बैटरी को बेहतर रखने का मतलब है डिवाइस की समग्र परफॉर्मेंस और लाइफ बढ़ाना। इसलिए फोन को 80% तक चार्ज करना और सही चार्जर का उपयोग करना बेहतर विकल्प साबित होगा।