बच्चों के एडमिशन के दौरान माता-पिता रहें सतर्क, शिक्षा निदेशालय ने जारी किया नोटिस
दिल्ली में अगर आप अपने बच्चे के एडमिशन को लेकर चिंतित हैं और कोई व्यक्ति या संगठन आपको एडमिशन से संबंधित कोई ऑफर या गारंटी दे रहा है, तो ऐसे में सतर्क रहने की जरूरत है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने अभिभावकों और स्कूल प्रशासन को ऐसे लोगों या संस्थाओं से सावधान रहने की चेतावनी दी है। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई व्यक्ति या संगठन एडमिशन से जुड़ी गारंटी का झूठा दावा करता है, तो यह आपके लिए धोखाधड़ी का कारण बन सकता है और आपके पैसे डूब सकते हैं।
बुधवार को जारी एक आधिकारिक नोटिस में शिक्षा निदेशालय ने कहा, “यह देखा गया है कि कुछ लोग और संगठन एडमिशन प्रक्रिया को प्रभावित करने या गारंटी देने का झूठा दावा करके अभिभावकों को गुमराह कर रहे हैं।” विभाग ने अभिभावकों को ऐसे लोगों से दूर रहने और अनधिकृत संस्थाओं से एडमिशन संबंधी सेवाएं लेने से बचने की सलाह दी है। साथ ही, स्कूल प्रबंधन और निजी या सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों के प्रमुखों को भी एडमिशन एडवाइजरी एजेंसियों, वेबसाइट्स और एजेंट्स के साथ किसी भी तरह के आधिकारिक या अनौपचारिक संबंध बनाने से मना किया गया है।
स्कूलों को भी कड़े निर्देश
शिक्षा विभाग ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम और नियम, 1973 की धारा 17 के तहत एडमिशन से पहले या बाद में किसी भी प्रकार का डोनेशन, कंसल्टेशन फीस या प्रोसेसिंग फीस लेना सख्त तौर पर प्रतिबंधित है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि शिक्षा विभाग शिक्षा के व्यावसायीकरण को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ऐसे में, अगर कोई व्यक्ति या संस्था इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाई जाती है, तो विभाग उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।