मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
फार्मेसी परीक्षा पर विवाद के बीच CM मान का बड़ा बयान, बोले- पेपर लीक नहीं, नकल की कोशिश हुई थी लोकसभा में पप्पू यादव का NTA पर बड़ा हमला, बोले- पेपर लीक की जड़ तक पहुंचे सरकार, चेयरमैन पर क्यों है इतनी मेहरबानी? भगवंत मान सरकार प्रदेश में स्वास्थ संबंधी समस्याओं को लेकर सजग छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई

इस राज्य में स्कूलों के समय में हुआ बदलाव, जानें कारण और नया शेड्यूल

इस राज्य में स्कूलों के समय में हुआ बदलाव, जानें कारण और नया शेड्यूल

    मार्च की शुरुआत होते ही देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी का असर दिखने लगा है। खासकर, पूर्वी राज्यों में उड़ीसा सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। यहां तापमान लगातार बढ़ रहा है और लोग तेज धूप व उमस से परेशान हैं। राज्य में अभी से ही तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जबकि नमी का स्तर 43% दर्ज किया जा रहा है। गर्मी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने स्कूलों के समय में बदलाव करने का निर्णय लिया है।

    स्कूलों के समय में बदलाव

    ओडिशा सरकार ने सरकारी और निजी दोनों स्कूलों के समय में परिवर्तन किया है। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के अनुसार, वर्तमान में परीक्षाएं 27 मार्च तक चलेंगी, और नया शैक्षणिक सत्र 2 अप्रैल से प्रारंभ होगा। इसी कारण स्कूलों की कक्षाएं अब सुबह के समय आयोजित की जाएंगी। गर्मी के मद्देनजर आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन भी सुबह 7 बजे से 9 बजे तक किया जाएगा।

    गर्मी का प्रभाव और लू से राहत के उपाय

    राज्य में सामान्य से पहले ही तापमान में वृद्धि देखी जा रही है। बौध, संबलपुर, झारसुगुड़ा, बरगढ़, बोलनगीर और सुंदरगढ़ जिलों में लू के हालात हैं, जबकि तटीय इलाकों में उमस काफी अधिक है। सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों और जिला कलेक्टरों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

    मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि जिला कलेक्टरों को स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई करने की स्वतंत्रता दी गई है। पिछले दस वर्षों में लू और सनस्ट्रोक के कारण 330 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इसे रोकने के लिए प्रशासन को विशेष कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

    पानी और बिजली की व्यवस्था

    गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए राज्य सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं:

    • सड़कों के किनारे पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि राहगीरों को राहत मिल सके।
    • विश्राम स्थल बनाए जाएंगे, जहां लोग तेज धूप से बचकर ठहर सकें।
    • पंचायती राज विभाग ने पानी की कमी वाले क्षेत्रों में 300 करोड़ रुपये की लागत से नए ट्यूबवेल लगाने की मंजूरी दी है। जरूरत पड़ने पर और भी फंड जारी किए जाएंगे।
    • बिजली कटौती पर रोक: ऊर्जा विभाग को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे और रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली कटौती से बचने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

    सरकार की इन पहलों से राज्य में गर्मी के प्रकोप से लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

    Share This
    अगला लेख → बच्चों के एडमिशन के दौरान माता-पिता रहें सतर्क, शिक्षा निदेश…

    टिप्पणी करें

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    ताज़ा ख़बरें
    बाज़ार
    सेंसेक्स 77,655 +889 (+1.16%)
    निफ्टी 24,250 +265 (+1.1%)
    मौसम
    22°C
    Partly Cloudy
    💧 89% 💨 5 km/h
    Dehradun